भारतीय जनता पार्टी यादव वोटबैंक में लगातार सेंधमारी कर रही है। हरगांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव ने तमाम सपाइयों के साथ भाजपा की सदस्यता ले ली। इसे सपा के लिए जबरदस्त झटका माना जा रहा है। जितेंद्र यादव के कमल थामने से सीतापुर के साथ ही धौरहरा, मिश्रिख, हरदोई, लखीमपुर खीरी सहित कई लोकसभा सीटों पर सीधे असर पड़ेगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र यादव ने पिछले दिनों पार्टी छोड़कर हाथी पर सवार हो गए। उन्हें बसपा ने सीतापुर से प्रत्याशी बना दिया है। ऐसे में भाजपा ने नई चाल चलते हुए सीतापुर के दिग्गज यादव नेता और पूर्व विधायक रामपाल यादव के परिवार पर निगाह गड़ाई। यह परिवार सीतापुर ही नहीं आसपास के जिलों के यादवों पर भी गहरी पकड़ रखता है। करीब छह माह पहले पूर्व विधायक के निधन के बाद सियासी विरासत उनके बेटे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव संभाल रहे हैं। उनके साथ सहानुभूति की लहर भी है।
माना जा रहा था कि सीतापुर से जितेंद्र यादव को सपा- कांग्रेस गठबंधन का उम्मीदवार बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में भाजपा ने जितेंद्र यादव को अपने पाले में करने की रणनीति बनाई। रविवार को हरगांव में प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान जितेंद्र यादव ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थाम लिया। उनके साथ सीतापुर ही नहीं आसपास के अन्य जिलों के करीब सौ से ज्यादा यादव नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है। इसे सपा के लिए जोरदार झटका माना जा रहा है। क्योंकि यह परिवार सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव का काफी नजदीकी रहा है।