पीएम के आगमन पर शहर के सात किलोमीटर की परिधि में विशेष सुरक्षा घेरा रहा। एयरपोर्ट से लेकर अयोध्या धाम तक मार्गों पर दोनों तरफ बैरिकेडिंग रही। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिष्ठा दांव पर रही। जगह-जगह आधुनिक तकनीक के सहारे निगरानी होती रही। कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ तो सभी ने राहत की सांस ली।
पीएम के आगमन पर विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था। सीमाएं सील तो नहीं की गईं, लेकिन भारी वाहनों का प्रवेश कार्यक्रम को लेकर रोक दिया गया था। एयरपोर्ट से लेकर लखनऊ-अयोध्या हाईवे व रोड शो के मार्ग पर 50-50 मीटर की दूरी पर सुरक्षाबल तैनात रहा। शहर के सात किलोमीटर की परिधि को संवेदनशील क्षेत्र माना गया था। तीन किलोमीटर की परिधि में सुरक्षा के खास इंतजाम रहे।
पीएम के गुजरने वाले मार्गों की दोनों पटरियों पर बैरिकेडिंग रही। मार्गों पर दोनों तरफ बने मकानों पर सशस्त्र जवान तैनात रहे और चारों दिशाओं से होने वाली हलचल पर उनकी नजर रही। प्रमुख चौराहों, तिराहे, अंडरपास आदि पर सुरक्षा घेरा सख्त रहा। पीएम के आगमन से पूर्व हाइवे खाली करा दिया गया। सिर्फ सुरक्षाबलों व पुलिस-प्रशासन के वाहन ही फर्राटा भरते नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान थल से ही नहीं, नभ व जल मार्ग से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी होती रही। नया घाट पर बने फ्लोटिंग कंट्रोल रूम में असलहाधारी जवान नदी की हलचल पर नजर रखे रहे। एनडीआरएफ के जवानों की टुकड़ी मोटरबोट पर सवार होकर लगातार गश्त करती रही। ड्रोन कैमरे भी हवा में उड़ते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे।
पीएम के इर्द-गिर्द रहे एसपीजी व एनएसजी कमांडो
प्रधानमंत्री के रोड शो व दर्शन-पूजन कार्यक्रम के दौरान उनके इर्द-गिर्द पास धारकों के अलावा एसपीजी व एनएसजी कमांडो का ही डेरा रहा। श्रीराम मंदिर के प्रवेशद्वार व मंदिर की छत पर चारों दिशाओं में एसपीजी और एनएसजी कमांडो आधुनिक असलहे लेकर मुस्तैद रहे। पांच घेरे में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखी गई। एसपीजी के अलावा एनएसजी कमांडो, एटीएस, एसटीएफ, अर्धसैनिक बल व सिविल पुलिस समेत 25,000 से अधिक जवान जगह-जगह मोर्चा संभाले रहे।
कंट्रोल रूम में नजरें गड़ाए रहीं सुरक्षा एजेंसियां
सुरक्षा घेरा अभेद्द बनाने में तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल हुआ। जगह-जगह एआई कैमरे लगे थे, जो इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े थे। इनसे फेस रिकग्रिशन, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्रिशन आदि में काफी मदद मिली। खुफिया एजेंसियों के अधिकारी कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर ही नजर गड़ाए रहे। कार्यक्रम स्थलों पर सादी वर्दी में जवान डटे रहे, जो लोगों के हाव-भाव व प्रतिक्रियाओं पर भी गौर करते रहे। जरा सा भी संदेह होने पर लोगों से पूछताछ भी की गई।
सूरज ढलने के साथ सियासी पारा चढ़ाते रहे मोदी
ज्यों-ज्यों ढलते सूरज का ताप घटता रहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो के साथ ही सियासी पारा चढ़ाते रहे। श्रीरामलला की शरण में नतमस्तक होकर जैसे ही पीएम मोदी रथ पर सवार हुए, दो घंटे पहले तक सूनी सडक़ें समर्थकों से गुलजार हो गईं। पीएम के रोड शो से जहां भगवा खेमा उत्साहित रहा, वहीं विपक्षी दलों में भी हलचल तेज रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार की शाम अयोध्या धाम में रोड शो प्रस्तावित था। राजनीतिक कार्यक्रम के कारण दिन भर बंदिशें तो नहीं रहीं, लेकिन चटख धूप के कारण लोग घरों से निकलने का साहस नहीं जुटा सके। हालत यह रही कि शाम चार बजे तक भी अयोध्या धाम की अधिकांश सडक़ें व गलियां सूनी रहीं। लेकिन जैसे-जैसे सूर्यास्त होने लगा और तपिश घटने लगी, वैसे-वैसे मोदी की खुमारी लोगों के सिर पर चढऩे लगी।
श्रीराम मंदिर के पास तो बैरिकेडिंग भी भगवामय हो गई, जहां लोग डीजे की धुन पर थिरकते दिखे। समूची रामनगरी में मोदी के कटआउट पर लोग सेल्फी लेते रहे। सूरज डूबने तक अयोध्या की यह सूनी गलियां समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भर गईं। जैसे ही जिले में मोदी के आगमन की समर्थकों को भनक लगी, मोदी-मोदी के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। गलियों में बैरिकेडिंग करके लोगों को भले ही रोक दिया गया, लेकिन उनका उत्साह के आगे सभी बंदिशें भी नतमस्तक दिखीं। उधर, मोदी की दस्तक से बढ़ी सियासी सरगर्मी की चर्चा सत्ता पक्ष से अधिक विपक्षी खेमे में रही। विपक्षी दलों के प्रमुख नेता व पदाधिकारी भी रोड शो की पल-पल की अपडेट कुछ मीडियाकर्मियों व अपने सहयोगियों से लेते रहे। रोड शो का वास्तविक प्रभाव तो भविष्य की गर्त में है, लेकिन इसके जरिये प्रधानमंत्री चुनावी संदेश जरूर दे गए।
पीएम के रोड शो ने हाईवे पर रोकी भारी वाहनों की रफ्तार
पीएम के रोड शो को लेकर हाईवे पर भारी वाहनों को रोक दिया गया। इसके चलते रुदौली में करीब तीन किमी लंबा जाम लग गया। जाम में भारी वाहनों के साथ छोटे वाहन भी फंस गए जो काफी समय बाद निकल पाए। चिलचिलाती धूप में भारी वाहनों के चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।