लखनऊ। विद्युत विभाग के अभियंता अब सेवाएं उपलब्ध कराने और एजेंसियों के कार्य का जायजा लेने आपके घर आएंगे। इस दौरान आप उन्हें खुलकर अपनी समस्याएं व शिकायतें बता सकते हैं। इसके लिए राजधानी में ‘विद्युत विभाग, उपभोक्ता के द्वार’ संदेश अभियान का शुभारंभ वृंदावन डिवीजन से हुआ है। अभियान की जिम्मेदारी खंड के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता को सौंपी गई है। डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुभाष मौर्य ने बताया कि अब तक सेक्टर आठ, 10 व 11 के उपभोक्ताओं के घर पहुंचे हैं। सभी उपभोक्ताओं को इलाके के उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता के मोबाइल नंबर, हेल्पलाइन नंबर 1912 देकर समस्याएं व शिकायतें बताने का अनुरोध किया गया।
एजेंसी कर्मियों की कमियां उजागर
मुंशी पुलिया खंड के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक इंदिरानगर के सी व डी ब्लॉक, सेक्टर 11 के उपभोक्ताओं से उनकी चौखट पर रूबरू हुआ। बातचीत में एजेंसी कर्मियों की कमियां उजागर हुईं। इसमें बिना उपभोक्ता के घर आए ही मीटर रीडिंग का बिल बनाना प्रमुख समस्या मिली। शिकायतों का समाधान करा रहे हैं।
इंजीनियर की दस्तक का मतलब चेकिंग नहीं
ऐशबाग के अधिशासी अभियंता डीके यादव ने बताया कि अब तक उपभोक्ता की चौखट पर दस्तक देने का मतलब चेकिंग माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पहले टीम के पहुंचते ही उपभोक्ता के पड़ोसी की भी जिज्ञासा बढ़ जाती थी कि विद्युुत विभाग वाले चेकिंग करने क्यों आए। लोग घरों के दरवाजे बंद कर लेते थे, लेकिन अब इंजीनियर के पहुंचने से लोग घरों से बाहर निकल कर बातचीत कर रहे हैं।
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उपभोक्ताओं से कर रहे ये सवाल
- मीटर रीडर प्रति माह रीडिंग लेने आ रहा है या नहीं
- प्रति माह बिजली बिल मिलता है या नहीं
- शिकायत समय से दूर होती है या देर से
- विद्युत विभाग से प्रमुख शिकायत क्या है
रोजाना 10 से 20 घरोें में दस्तक
मुख्य अभियंता अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि लेसा ट्रांस एवं सिस गोमती जोन के प्रत्येक डिवीजन को रोजाना 10 से 20 घरों में दस्तक देकर उपभोक्ता सेवाओं का जायजा लेने का निर्देश दिया गया है। इसका सिलसिला शुरू हो चुका और बहुत ही सकारात्मक परिणाम आए हैं।