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अयोध्या: विकास के लिए दी जाएगी नजूल की जमीन, पहले चरण में 14 नजूल भूमि देने का हुआ फैसला

Wed, 09 Jun 2021 12:20 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अयोध्या के विकास में जमीन की उपलब्धता कोई समस्या नहीं होगी। इसका रास्ता निकाल लिया गया है। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
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अयोध्या (फाइल फोटो) - फोटो : istock
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विस्तार
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सरकार ने अयोध्या के विकास में जमीन की उपलब्धता की समस्या का समाधान करने का रास्ता निकाल लिया है। सरकार ने तय किया है कि जरूरत के मुताबिक नजूल की भूमि संबंधित विभागों को उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि विभाग जरूरत के मुताबिक व्यावसायिक कांप्लेक्स, भूमिगत पार्किंग और बहुउद्देश्यीय हॉल आदि का निर्माण करा सकें। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है।

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प्रस्ताव के मुताबिक कैबिनेट ने फिलहाल नजूल की 14 भूमि को दूसरे विभागों को देने को मंजूरी दी है। इसमें मछरहटा में 9586.79 वर्गमीटर जमीन नगर निगम को व्यावसायिक कांप्लेक्स व बहुउद्देश्यीय हॉल व भूमिगत पार्किंग के लिए दी जाएगी।

टेड़ी बाजार में स्थित 3416.07 वर्गमीटर भूमि व्यावसायिक कांप्लेक्स, बहुउद्देशीय हॉल व भूमिगत पार्किंग के लिए दी जाएगी। जबकि यहीं स्थित 750 वर्गमीटर विशेष शाखा अभिसूचना विभाग अयोध्या को और बाग बिजेसी में 1750 वर्गमीटर भूमि विद्युत उपकेंद्र बनाने के लिए दी जाएगी।
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बाग बिजेसी में ही 2823.99 वर्गमीटर थाना कोतवाली परिसर, कार्यालय व आवासीय भवन और 5200 वर्गमीटर जमीन अग्निशमन केंद्र व उसके कर्मचारियों के लिए आवास और कार्यालय के लिए देने का फैसला किया गया है।

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इन जगहों पर भी ली गई है जमीन

प्रस्ताव के मुताबिक सिविल लाइंस में 300 वर्ग मीटर जमीन विधिक माप विज्ञान विभाग, वजीरगंज में 1600 वर्गमीटर जमीन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम और 1500 वर्गमीटर जमीन स्थापना सहायक अभिसूचना ब्यूरो को देने का फैसला किया गया है। जबकि रेतिया में 3600 वर्गमीटर नगर निगम को जलाशय व भूमिगत जलाशय के लिए और 100 वर्गमीटर जमीन नगर निगम को ट्यूबवेल लगाने के लिए दिया जाएगा।

वजीरगंज में भी नगर निगम को ट्यूबवेल लगाने के लिए 60.70 वर्गमीटर और 900 वर्गमीटर जमीन जलाशय व भूमिगत जलाशय के लिए दी जाएगी। इसी प्रकार चक्रतीरथ में भी 429.09 वर्गमीटर जमीन को नगर निगम को जलाशय के लिए दिया गया है।
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