महोबा के खनन कारोबारी की मौत के मामले में जेल में बंद आईपीएस मणिलाल पाटीदार को केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। महोबा के एसपी रहने के दौरान खनन कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर 7 सितंबर 2020 को वायरल हुआ था। इसके दो दिन बाद इंद्रकांत त्रिपाठी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गईथी। परिजनों की शिकायत पर पाटीदार सहित तीन अन्य के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी गठित की थी। हालांकि इसके बाद वर्ष 2014 बैच का आईपीएस मणिलाल पाटीदार फरार हो गया था। वहीं एसआईटी की जांच में तत्कालीन एसपी पाटीदार और अन्य पुलिसकर्मी दोषी पाए थे। इस मामले में थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला सहित चार सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया। दो साल तक फरार रहने के बाद पाटीदार ने 15 अक्टूबर 2022 को लखनऊ की अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
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इससे पहले पाटीदार को गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। कोर्ट के आदेश पर राजस्थान में उनकी सम्पत्ति को भी कुर्क किया गया था। उनके खिलाफ विजिलेंस ने भी मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी जांच चल रही है। लखनऊ जेल में बंद पाटीदार को बर्खास्त करने की सिफारिश राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से की थी।