लखनऊ। शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनी के एमडी आसिफ नसीम को चार दिन की रिमांड के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने कोर्ट में पेश किया। उससे कई राउंड पूछताछ के बाद मददगारों की सूची तैयार की गई है। ईओडब्ल्यू की टीम अब मददगारों की कुंडली तैयार कर रही है। वहीं आसिफ से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, चेक व संपत्तियों के बारे में जानकारी हुई है। जिनकी पुष्टि के लिए पुलिस टीम लग गई है।
शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनी पर 60 हजार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। इस मामले में पांच लाख के इनामी कंपनी के एमडी आसिफ नसीम को गोमतीनगर पुलिस ने एक नवंबर को प्रयागराज से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ईओडब्ल्यू की टीम ने एमडी आसिफ नसीम को बुधवार को चार दिन की रिमांड पर लिया था। रविवार शाम पूछताछ के बाद आसिफ को कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। शनिवार देर रात तक ईओडब्ल्यू की टीम आसिफ को लेकर कई ठिकानों पर गई थी। जहां से कई अहम दस्तावेज व संपत्तियों के बारे में जानकारी हुई। टीम इन संपत्तियों का ब्योरा जुटाने लग गई है।
वहीं ईओडब्ल्यू की टीम ने आसिफ से लंबी पूछताछ की जिसमें उसने लखनऊ के कई मददगारों का नाम लिया। ईओडब्ल्यू की टीम इन मददगारों की भी कुंडली खंगाल रही है। इसमें व्यापारी, चिकित्सक, नेता, एजेंसी संचालक सहित कुछ प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल है। ईओडब्ल्यू के अधिकारी के मुताबिक, जरूरत पड़ी को आसिफ नसीम को दोबारा रिमांड पर लिया जाएगा। उधर कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम के प्रत्यर्पण की भी कार्रवाई तेज हो गई है। शाइन सिटी के खिलाफ लखनऊ के गोमतीनगर में ही 389 मुकदमे दर्ज है। इसके अलावा करीब 113 मुकदमे अन्य थानों में दर्ज हैं।
2013 से शुरू किया था ठगी का कारोबार फिर भाई को जोड़ा
एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 20 साल पहले उसने स्पीक एशिया मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी में एजेंट की नौकरी शुरू की थी। साथ में उसका भाई आसिफ नसीम भी जुड़ा था। शातिर दिमाग नसीम ने यहीं पर रहकर निवेशकों को ठगने की कला मल्टी लेवल मार्केटिंग से सीखी। इसके बाद वर्ष 2013 में उसने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हाउसिंग कंपनी और उसके बाद 50 से अधिक कंपनियां खोल डाली।