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लखनऊ में हिस्ट्रीशीटर ने 23 दिन के मासूम को महिला मित्र के साथ किया अगवा, फिर दो लाख में बेच दिया

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लखनऊ। पारा पुलिस ने रविवार को मासूम को अगवा कर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया। इस गिरोह के संचालक हिस्ट्रीशीटर सहित तीन को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, गिरोह की महिला सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 23 दिन के मासूम को दो लाख रुपये में बेच दिया था। पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर को 50 हजार रुपये मिले थे। वही, डेढ़ लाख रुपये गिरोह की एक महिला सदस्य ने रखे है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस को इस गिरोह का खुलासा करने में 13 दिन का समय लग गया।
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डीसीपी दक्षिणी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक मर्दनखेड़ा निवासी अखिलेश दीक्षित की पत्नी अंशिका दीक्षित 13 जून को बेटे को लेकर रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल गई थी। वहां बच्चे को दिखने के बाद वापस ई-रिक्शा से घर लौट रही थी। उसी ई-रिक्शा में गीता नाम की एक महिला भी बैठी थी। रास्ते में गीता ने बच्चे को दुलार किया। मासूम उसकी गोद में चला गया। अंशिका जलालपुर फाटक के पास ई-रिक्शा से नीचे उतरी तो गीता भी उतर गई। उसने बच्चे को गोद में ले रखा था। इसी बीच एक बाइक सवार युवक वहां पहुंचा और गीता बच्चे को लेकर बाइक से भाग गई। अंशिका ने पति को जानकारी दी और दोनों ने पारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामले की पड़ताल के लिए एसआई राहुल तिवारी की टीम को लगाया गया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से बाइक का नंबर निकाला गया।
चार लोगों को बेची जा चुकी है बाइक
एडीसीपी दक्षिण राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक जिस बाइक से मासूम को अगवा किया गया, उसका नंबर मिलने के बाद बाइक मालिक के पास पहुंचे तो पता चला कि बाइक उसने किसी को बेच दी थी। पुलिस के मुताबिक बाइक चार लोगों को बेची गई थी। चौथे मालिक के पास पहुंचने पर वारदात के दिन बाइक का उपयोग करने वाले गैंगेस्टर अफजल के बारे में जानकारी हुई। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने पूरी कहानी बयां कर दी।
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नि:संतान बहन के लिए मासूम को खरीदा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मासूम को बाजारखाला टिकैतराय तालाब निवासी आशीष तिवारी के हाथों बेचा था। उनसे दो लाख रुपये लिए थे। आशीष ने मासूम को अपनी बहन प्रीति तिवारी के लिए खरीदा था, जो पति उपेंद्र नाथ तिवारी के साथ एलडीए कॉलोनी में रहती है। उसे कोई संतान नहीं है। आशीष का आलमगनगर पीरपक्का निवासी अफजल से पुराना संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर चोरी की साजिश रची थी।
गैंगेस्टर की महिला मित्र ने अंजाम दी वारदात
अफजाल ने अपनी परिचित सीतापुर निवासी महिला मित्र गीता के साथ योजना बनाकर अस्पतालों के आसपास रेकी की। 13 जून को अंशिका रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल के बाहर ई-रिक्शा से बच्चे को लेकर जाती दिखी। गीता भी उस ई-रिक्शा में बैठ गई। दुलार के बहाने बच्चे को गोद में ले लिया और जलालपुर क्रॉसिंग के पास अफजाल की मदद से बच्चे को लेकर भाग गई। उसी दिन प्रीती अपने पति उपेंद्र नाथ तिवारी के साथ टिकैतराय तालाब में रहने वाले भाई आशीष तिवारी के घर पहुंची, जहां दो लाख रुपये लेकर बच्चा उसे सौंप दिया गया। पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर आरोपित अफजाल, आशीष, प्रीती तिवारी को गिरफ्तार किया है। वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली गई है। वहीं, गीता की तलाश की जा रही है।
जेल से रिहा होने के बाद की वारदात
पुलिस के मुताबिक तालकटोरा आलमनगर पीरपक्का निवासी अफजाल के खिलाफ महानगर, तालकटोरा, सरोजनीनगर में छह मामले दर्ज हैं। वह जेल भी जा चुका है। उस पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की गई थी। हाल ही में वह जमानत पर छूटा था। इसके बाद ही उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
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