लोकसभा चुनावों में भाजपा की पहली सूची आ गई है।आखिरकार सभी कयासों पर विराम लग गया। नव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व ने किसी नामचीन चेहरे के बजाय लल्लू सिंह पर फिर से विश्वास किया है। लगातार तीसरी बार वह भाजपा के टिकट पर अयोध्या जैसी प्रतिष्ठापरक लोकसभा सीट पर भाग्य आजमाएंगे। उनके सामने इंडिया गठबंधन से सपा के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश प्रसाद विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार होंगे।
शनिवार की शाम अयोध्या सीट से लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार की तस्वीर साफ हो गई। पार्टी नेतृत्व की सूची में लल्लू सिंह का नाम सामने आते ही उनके घर पर बधाई देने के लिए पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का तांता लग गया। शुभकामना देने के लिए आरएसएस, विहिप और भाजपा के बड़े नेताओं के भी फोन आने लगे। उधर, इस बार टिकट में बदलाव की उम्मीद संजोए पार्टी के अन्य दावेदारों के हाथ निराशा लगी।
विधानसभा चुनाव हारकर लोकसभा में पहुंचे
सांसद लल्लू के राजनीतिक जीवन पर नजर डालें तो वर्ष 2014 में मोदी लहर पर सवार होकर वह पहली बार लोकसभा पहुंचे। उन्होंने सपा उम्मीदवार मित्रसेन यादव को 2,82,775 वोटों के अंतर से हराया था। इसके दो वर्ष पहले ही वह विधानसभा चुनाव सपा उम्मीदवार तेज नारायण पांडेय पवन से हार गए थे। इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की। इस चुनाव में सपा गठबंधन के प्रत्याशी आनंदसेन यादव को 65,477 वोटों से पराजित किया था। अब तीसरी बार लोकसभा में पहुंचने के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगे।
आरएसएस के प्रचारक के रूप में शुरू हुआ सफर
वर्ष 1980 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के रूप में सफर शुरू करने वाले लल्लू 1986 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री बने। वर्ष 1988 में भाजपा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद तीन बार इस पद पर रहे। वर्ष 1989 में अयोध्या सीट से पहला विधानसभा चुनाव हार गए। इसके बाद 1991 में पहली बार इसी सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 1993, 1996, 2002 व 2007 में भी विधायक चुने गए। विधायक रहते पर्यटन और ऊर्जा राज्यमंत्री का भी दायित्व संभाला।
लल्लू सिंह ने दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय नेतृत्व, संतों और जनता के आशीर्वाद से तीसरी बार अयोध्या की सेवा करने की जिम्मेदारी मिली है। रामलला और हनुमान जी के श्रीचरणों में यही प्रार्थना है कि बेहतर ढंग से यहां के लोगों की सेवा कर सकें, इसके लिए वह सक्षम बनाएं।- लल्लू सिंह, सांसद, अयोध्या