पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बिजलीकर्मियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिजली निगमों का प्रबंधन कर्मियों के हितों व अच्छा कार्य वातावरण बनाकर उपभोक्ता हित में परिणाम प्राप्त करने पर ध्यान दे रहा है। पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने कहा कि मुख्यालय स्तर से कर्मचारी संघ एवं संगठनों से प्रबंधन का निरंतर संवाद है। किसी भी समस्या अथवा उचित मांगों के संदर्भ में संगठनों से वार्ता के लिए प्रबंधन हमेशा तत्पर है।
देवराज ने कहा कि उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, राजस्व वसूली तथा उपभोक्ता सेवा बेहतर बनाने के लिए उचित संसाधन, सामग्री तथा मानव शक्ति उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास हो रहा है। जिन स्थानों पर इन संसाधनों की कमी प्रतीत होती है वहां के लिए अतिरिक्त व्यवस्था कर समस्या का समाधान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यवाही में संबंधित कर्मियों को अपना पक्ष रखने तथा उसके बाद व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघों/संगठनों से वार्ता कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक कार्यवाही की जा रही है।
देवराज ने कहा कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में ग्रेटर नोएडा तथा नोएडा में अस्थायी संयोजनों के निर्गमन तथा त्रुटिपूर्ण बिलिंग द्वारा कॉर्पोरेशन को वित्तीय क्षति पहुंचाने का प्रकरण संज्ञान में आने पर मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत जांच की। जांच के आधार पर दोषी कर्मियों को स्थानांतरित किया गया है। जांच पारदर्शी ढंग से कराई जा रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई न होने पाए।
किसी को पदोन्नति से नहीं किया गया वंचित
देवराज ने कहा कि उच्च पद पर प्रोन्नत होने वाले कार्मिकों के गुणवत्तापूर्ण चयन की कार्यवाही विभागीय चयन समिति करती है। किसी भी योग्य कर्मी को पदोन्नति से वंचित नहीं किया गया है।