सिटी स्टेशन के पास झोपड़ पट्टी में अकेली जिंदगी गुजार रही गर्भवती बिट्टो जब बेहोश हुई तो उसे संभालने वाला कोई नहीं था। माता-पिता की मौत साल भर पहले हो चुकी है। पांच महीने पहले पति भी उससे पल्ला झाड़ चुका है।
वह उदास थी और निराश भी अगर उसे कुछ अच्छा याद है तो उन महिलाओं का साथ जिन्होंने शुक्रवार शाम रेल ट्रैक के किनारे से उसका प्रसव कराया। जानकारी के मुताबिक, बिट्टो को ट्रैक के किनारे कुछ लोगों ने बेहोश पड़े देखकर स्थानीय चौकी इंचार्ज राजेश सिंह को सूचना दी थी।
मौके पर मौजूद महिलाओं ने बिट्टो को प्रसव कराया। इसके बाद उसे डफरिन अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला का पति चंदन उसे छोड़कर कई महीनों से फरार है। महाराजगंज निवासी बिट्टो अपने माता-पिता के साथ कई साल से सिटी स्टेशन के पास झोपड़-पट्टी में रहती थी।
मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे बिट्टो के माता-पिता की लगभग एक साल पहले मौत हो गई थी। मजदूरी करने वाला बिहार निवासी चंदन भी उसके पिता के पास आता रहता था।