लखनऊ। यूजी और पीजी के कई विषयों के परिणाम नहीं आने की वजह से विद्यार्थी छात्रवृत्ति आवेदन नहीं भर पा रहे हैं। दरअसल, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने करीब दो महीने बाद भी यूजी व पीजी के कई विषयों के परिणाम जारी नहीं किए हैं, जिसकी वजह से विद्यार्थियों का अगली क्लास में प्रमोशन और रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें दो बार तिथि बढ़ने के बाद भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने का मौका नहीं मिला।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने व भौतिक रूप से विश्वविद्यालय खुलने के बाद अगस्त में परीक्षाओं का आयोजन शुरू कर दिया। वहीं, काफी विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया गया था। अब जिन विद्यार्थियों की परीक्षाएं हुईं या प्रमोशन हुआ अभी तक उनमें से कई का परिणाम ही नहीं जारी हो पाया है, जिसकी वजह से विद्यार्थी एक तो अगली क्लास में प्रमोट होकर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। वहीं, काफी विद्यार्थी ऐसे हैं जो इसके कारण अपना छात्रवृत्ति आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। वे विभाग से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे विद्यार्थियों ने ट्विटर पर अपनी व्यथा लिखी है और विश्वविद्यालय अधिकारियों से इसका समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि छात्रवृत्ति फॉर्म भरने की अंतिम तिथि करीब है। परीक्षा विभाग की इस लापरवाही से उनके सामने ज्यादा बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। क्योंकि पहले ही आवेदन तिथि बढ़ाई जा चुकी है।
वजह : कुछ विभागों के इंटरनल अपलोड नहीं
जानकारी के अनुसार कुछ विभागों ने विद्यार्थियों के ऑनलाइन इंटरनल ही अपलोड नहीं किए हैं। इसके बाद परीक्षा विभाग उनसे संपर्क कर भौतिक इंटरनल मंगवा रहा है, जिसकी वजह से इसमें देरी हो रही है। कुछ विभागों की यह नियमित प्रक्रिया बन गई है। उनके यहां से ऑनलाइन इंटरनल अपलोड नहीं किए जाते हैं। इस बारे में परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएम सक्सेना ने कहा कि 10 फीसदी ही पीजी परिणाम व बीएड के कुछ परिणाम जारी होने बाकी हैं। हम जल्द से जल्द इसे जारी करेंगे। इंटरनल के चक्कर में कुछ विषयों के परिणाम में देरी हुई है।