लखनऊ। बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में दुर्जनपुर गांव के पास आउटर रिंग रोड पर शनिवार सुबह एक डीसीएम चालक की धारदार हथियार से गोदकर हत्या कर दी गई। सड़क पर ही डिवाइडर से सटा खून से लथपथ उसका शव पड़ा मिला। शव से करीब 50 मीटर दूर डीसीएम खड़ी मिली। पुलिस ने डीसीएम नंबर के आधार पर उसके मालिक और फिर मृतक परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस तफ्तीश कर रही है।
पुलिस को शनिवार सुबह करीब नौ बजे सूचना मिली कि बीकेटी में दुर्जनपुर गांव के पास आउटर रिंग रोड पर एक युवक का शव पड़ा है। पास में ही डीसीएम खड़ी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच में सामने आया कि शव कन्नौज के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के जमामर्दपुर गांव निवासी प्रदीप यादव (26) का है। बृहस्पतिवार को वह माल लेकर दुबग्गा गए थे। जहां शुक्रवार रात गाड़ी अनलोड की गई। शनिवार सुबह करीब पांच बजे प्रदीप दुबग्गा से निकले थे। उसी के बाद उनकी हत्या की गई।
पुलिस को छानबीन में जो सुबूत मिले हैं, उससे साफ है कि प्रदीप को डीसीएम से उतरने तक का मौका नहीं मिला। डीसीएम के केबिन के भीतर ही उन पर हमला किया गया। इसके चलते केबिन में भी खून के निशान मिले। फिर उनको नीचे घसीटकर सड़क पर गिराने के बाद धारदार हथियार से वार किए गए। बचने के लिए प्रदीप ने संघर्ष किया मगर नाकाम रहे। पुलिस रोडरेज के अलावा रंजिश व किसी विवाद में हत्या की आशंका पर भी तफ्तीश कर रही है।
डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से तफ्तीश की जा रही है। हर पहलू को देखा जा रहा है। तहरीर मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी।
डीसीएम मौके पर ही खड़ी मिली। उसमें चाभी भी लगी थी। प्रदीप का मोबाइल व उनकी जेब में रखे रुपये भी सुरक्षित थे। इससे पुलिस का कहना है कि लूट के विरोध में वारदात को अंजाम नहीं दिया गया है। परिजनों ने बताया कि प्रदीप अकेले ही थे, उनके साथ कोई क्लीनर आदि नहीं था। वहीं, डीसीएम का अगला हिस्सा थोड़ा क्षतिग्रस्त है। ऐसे में आशंका है कि शायद रोडरेज के विवाद में प्रदीप की हत्या कर आरोपी भाग गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि प्रदीप पर धारदार हथियार से करीब एक दर्जन वार किए गए। अधिकतर वार पेट पर किए गए। जिससे पेट फट गया। इसके अलावा सीने, कूल्हे और कंधे पर भी वार किए गए। प्रदीप को किस नृशंसता से मारा गया, ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट बयां कर रही है। पेट में जो वार किए गए उसमें धारदार हथियार को भीतर घुमा दिया गया। जिससे आंतें फट गईं। इससे अधिक रक्तस्राव हुआ और शॉक एंड हेमरेज से मौत हो गई।
प्रदीप के परिवार में उनके पिता कलक्टर सिंह, मां और भाई राजपाल, रामवीर, अनुज, हिमांशु व प्रियांशु हैं। राजपाल ने बताया उनके एक भाई बदन सिंह का भी कुछ महीने पहले निधन हो गया था। अब प्रदीप की हत्या कर दी गई। राजपाल के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे उनकी प्रदीप से बात हुई थी। तब प्रदीप ने बताया था कि उन्हें गुडंबा इलाके से डीसीएम में घी लोड करके दिल्ली जाना है। सुबह जब प्रदीप से कोई संपर्क नहीं हुआ तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्रदीप का शव मिलने की जानकारी दी।
प्रदीप की तीन साल पहले पूनम से शादी हुई थी। परिजनों ने बताया कि 22 दिन पहले ही पूनम ने बेटे को जन्म दिया था। परिवार में खुशियों भरा माहौल था। ऐसे में प्रदीप की हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।