इन्वेस्ट इंडिया में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी क्षेत्र की है। ऐसे में यह एक निजी क्षेत्र की संस्था है। पर, इसमें राज्य व केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत है। केंद्र सरकार के तमाम विभाग, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, जम्मू व कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व तेलंगाना इन्वेस्ट इंडिया को नॉमिनेशन बेसिस पर कार्य आवंटित कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के सचिव उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग इस संस्था के चेयरमैन हैं। ऐसे में नॉमिनेशन बेसिस पर इसे कंसल्टेंट के रूप में सहयोग लेने के लिए उपयुक्त करार दिया गया है।
विशेष प्रकृति का प्रकरण मानकर चयन की संस्तुति
उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इसे विशेष प्रकृति का प्रकरण मानते हुए केंद्र सरकार में काम करने वाली संस्था इन्वेस्ट इंडिया को नॉमिनेशन बेसिस पर कंसल्टेंट अनुबंधित करने की संस्तुति दे दी है। समिति ने कहा है कि इन्वेस्ट इंडिया को कंसल्टेंट अनुबंधित करने की नियमानुसार कार्यवाही कर प्रकरण को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
समिति ने इन्वेस्ट इंडिया से पूर्व में भेजे गए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर), स्कोप ऑफ वर्क व पेमेंट शिड्यूल पर सहमति लेने को कहा है। सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन व अनुश्रवण से संबंधित आगे की सभी कार्यवाही उच्चाधिकार प्राप्त समिति करती रहेगी।