राजधानी के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में शराब माफिया विनोद सिंह की हत्या हरियाणा के पानीपत निवासी तस्कर धर्मराज सैनी उर्फ सुरेंद्र ने कराई थी। दोनों के बीच अवैध शराब के कारोबार में वर्चस्व की जंग चल रही थी।
विनोद ने पुलिस से मुखबिरी कर कई बार उसका माल पकड़वाया था। यही वजह थी कि धर्मराज ने उसकी हत्या के लिए शामली के आजम मलिक और वाराणसी के हीरा यादव नाम के शूटरों को दो लाख रुपये सुपारी दे दी।
एसटीएफ और पुलिस ने शुक्रवार को दोनों शूटरों को सरोजनीनगर इलाके में बहसा-दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पकड़कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि धर्मराज सैनी भी बड़े पैमाने पर अवैध शराब की तस्करी करके यूपी के विभिन्न हिस्सों में माल बेचता है। विनोद भी हरियाणा से अवैध शराब लाकर लखनऊ और आसपास के जनपदों में सप्लाई करता था।
धर्मराज ने लखनऊ में काम शुरू किया तो विनोद ने लखनऊ ही नहीं प्रदेश के विभिन्न जनपदों की पुलिस से मुखबिरी करके उसका माल पकड़वाना शुरू कर दिया। इससे तिलमिलाए धर्मराज ने उसकी हत्या की साजिश रची।
उसने शामली के कैराना दरबार खुर्द निवासी व यहां चिनहट के तकरोही बाजार में किराए का कमरा लेकर रहने वाले आजम मलिक से संपर्क किया।
एसएसपी ने बताया कि आजम के भाई मोहसिन को कुछ दिन पहले ठाकुरगंज पुलिस ने जेल भेजा था। धर्मराज ने आजम को पानीपत बुलवाकर कहा कि उसके भाई को भी विनोद ने ही जेल भेजवाया है।
विनोद से कारोबारी रंजिश बताते हुए उसने हत्या के लिए दो लाख रुपये में सुपारी तय की और आजम को एक पिस्टल देते हुए लखनऊ जाकर अपने सहयोगी सर्वेंद्र मिश्रा उर्फ समद से मिलने को कहा।
उसने कहा कि रुपया और विनोद की फोटो समद ही देगा। आजम लखनऊ आकर समद से मिला और दो लाख रुपये व विनोद की फोटो ले ली। समद ने उसे विनोद सिंह की पहचान कराने के साथ ही उसके जानकीपुरम स्थित घर की रेकी भी कराई।
इसके बाद आजम ने अपने साथी वाराणसी के मैदागिन दारानगर निवासी व यहां हसनगंज के बाबूगंज में रहने वाले हीरा यादव के साथ मिलकर विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने सरोजनीनगर में बहसा-दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल .32 बोर की पिस्टल, एक खोखा, तीन कारतूस, बाइक, दो मोबाइल व सुपारी की रकम के 104000 रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं।