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टैक्स- वाणिज्य कर विभाग में आग की जांच-City

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अफसरों की लापरवाही से राख हुईं एक हजार फाइलें
सब हेड: दस दिन में तीसरी बार लगी वाणिज्यकर कार्यालय में आग
क्रासर
- घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
वाणिज्यकर कार्यालय के अफसरों की बेपरवाही के कारण पिछले दस दिन में तीन बार आग लग चुकी है, इससे तीन खंडों की एक हजार से ज्यादा फाइलें जल गईं। अगर पहली बार में ही अधिकारी सुरक्षा के प्रति सजग हो जाते तो हादसों की पुनरावृत्ति नहीं होती। अब घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।
जेल चौराहे के निकट बने वाणिज्य कर भवन का लोकार्पण 2002 में हुआ था। भूतल को मिलाकर बिल्डिंग में चार मंजिल बनी हुई हैं, जिसमें 70 के करीब हॉल व कमरे बने हुए हैं। यहां 45 अफसर और करीब 180 कर्मचारी बैठते हैं। कार्यालय में एल्यूमीनियम की बिजली वायरिंग डली हुई है। नई बिल्डिंग में जब ऑफिस शिफ्ट हुआ था, उस समय सभी काम हाथ की टाइपिंग से होते थे। वर्तमान में कार्यालय के अंदर करीब 100 कंप्यूटर और 12 एयर कंडीशन लगे हैं। विभाग ने 75 किलोवाट का बिजली कनेक्शन ले रखा है। मगर, कार्यालय में बढ़ते लोड के कारण वायरिंग शॉर्ट होने की घटनाएं लंबे समय से हो रही हैं।
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हालांकि, वायरिंग बदलने के लिए छह माह पहले 20 लाख रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल सका है। यहां के अफसर भी ढील डाले रहे और फाल्ट बढ़ते गए। जब भी शॉर्ट सर्किट हुआ, उस जगह के तार बदला दिए गए। पिछले दस दिन में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन के कक्ष के पास और व्यापारी सुविधा केंद्र में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग चुकी थी। घटनाएं कार्य अवधि में हुईं, इस कारण अग्निशमन यंत्रों से आग को तुरंत बुझा लिया गया। मगर, इसके बाद भी अफसर नहीं चेते और उन्होंने कोई उचित कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप, बृहस्पतिवार की देर शाम खंड पांच के हॉल में आग लग गई। गनीमत रही कि फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग पर समय पर काबू पाया। नहीं तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था। आग में खंड 4,5 और छह से जुड़े एक हजार से अधिक व्यापारियों की फाइलें जलकर और पानी से खराब हो गई।
बृहस्पतिवार को वाणिज्य कर अफसर घटना को लेकर लकीर पिटते रहे। बिजली ठेकेदारों को बुलाकर त्वरित राहत के लिए सलाह लेते दिखाई दिए तो कभी बिल्डिंग में बिजली व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे। वहीं, आग बुझाने के दौरान कार्यालय में फैले पानी के कारण किचपिच मची रही। इस कारण कर्मचारी भी तमाशबीन बने इधर-उधर भटकते रहे। बिजली भी दोपहर एक बजे बाद ही चालू हो सकी।

‘अग्निशमन विभाग ने साफ कर दिया है कि आग शॉर्ट सर्किट से ही लगी थी। हालांकि रिकार्ड जलने से कोई नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि सभी व्यापारियों का लेखाजोखा ऑनलाइन है। कार्यालय में जरूरी बिजली मरम्मत के लिए मुख्यालय अफसरों से बात कर त्वरित बजट मांगा है। साथ ही घटना की जांच के लिए ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक शशांक शेखर मिश्रा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है, जो उनको शनिवार तक अपनी रिपोर्ट देगी।’
लाखन सिंह, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन।

इन क्षेत्र के व्यापारियों का जला रिकार्ड
आग से खंड चार, पांच और छह से जुड़े व्यापारियों की फाइलें नष्ट हो गई। खंड चार में आंतिया तालाब, पारीछा, अंबावाय, गोरामछिया, ग्वालियर रोड, खंड पांच में सीपरी बाजार, प्रेमनगर, नंदनपुरा, पुलिया नंबर नौ, रक्सा, पुनावली कला और खंड छह में चित्रा से इलाइट चौराहा, सिविल लाइन, बिजौली, बबीना क्षेत्र आते हैं।

कागजी कार्रवाई में नहीं कोई कमी
वाणिज्य कर विभाग कार्यालय की बिजली व्यवस्था सुधरवाने के लिए अग्निशमन, बिजली और पीडब्लूडी विभाग से लगातार पत्राचार कर रहा है। तीनों विभागों से कार्यालय का सर्वे कर एस्टीमेट और सुझाव मांगे हैं। वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह का कहना है कि 15 दिन पहले वाणिज्य कर भवन में जांच की गई थी, जहां सिलेंडर की संख्या कम मिली। इस पर विभाग को संख्या बढ़ाने के साथ ही बड़े सिलेंडर लगवाने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट से ही लगी है।
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दीवार पर लटके हैं खाली सिलेंडर
कार्यालय में दो ऑटोमेटिक और पांच पाउडर वाले सिलेंडर लगे हुए हैं। पिछले दिनों हुई घटनाओं में सिलेंडर खाली हो गए। तब से वे खाली ही दीवार पर लटके हुए हैं।
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