कांग्रेस नेतृत्व के यूपी में चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा शनिवार को काफी गरम रही, लेकिन जिम्मेदार नेताओं ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि प्रतिज्ञा यात्रा प्रारंभ होने से पहले केंद्रीय नेतृत्व इन चारों पदाधिकारियों की घोषणा कर सकता है। इसके जरिये जातिगत समीकरण साधने का प्रयास होगा।
पार्टी के एक खास धड़े की ओर से आ रही सूचनाओं को अगर सही मानें तो मुस्लिम, दलित, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज से एक-एक कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाएंगे। इससे पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वो ‘सबकी भागीदारी-सबकी जिम्मेदारी’ के मंत्र पर संजीदगी से अमल कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की जिम्मेदारी को यथावत रखते हुए यह प्रयोग किया जाएगा। लल्लू पिछड़ा वर्ग से हैं। कार्यकारी अध्यक्ष के लिए जिन नामों की चर्चा है, उनमें पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, दीपक सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक भगवती चौधरी और गयादीन अनुरागी प्रमुख हैं।
पर जिम्मेदारों का इनकार
हालांकि, कांग्रेस के प्रिंट मीडिया प्रभारी अशोक सिंह ने कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की योजना से इनकार किया है। कहा कि फिलहाल पार्टी इस पर विचार नहीं कर रही है।