रायबरेली के महाराजगंज के तहसील क्षेत्र के कैर गांव में 41 वर्षीय महिला को कोरोना का दो बार टीका (इंजेक्शन) लगाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। एक ओर जहां महिला आरोप लगा रही है की दो बार इंजेक्शन लगने से उसकी हालत बिगड़ गई।
उसे सीएचसी में भर्ती कराना पड़ा तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह संभव ही नहीं है। मामले में उप जिला अधिकारी महराजगंज सविता यादव का कहना है कि महिला को एक दिन में दो बार कोरोना का टीका लगाने का मामला पूरी तरह से अफवाह है।
कैर की रहने वाली केशवती पत्नी रमेश कुमार शुक्रवार को गांव में लगे शिविर में कोरोना का टीका लगवाने के लिए गई थी। उसका कहना है की आधार कार्ड फीड कराने के बाद उसे दो बार वैक्सीन (इंजेक्शन) लगाए गए, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर सीएचसी आए, जहां उसका उपचार किया गया। महिला अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
मामले में स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रधान प्रतिनिधि मंशाराम पाल भी सीएचसी पहुंचे। उधर मामले की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधाकृष्णन ने आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह संभव ही नहीं है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 140 टीके उपलब्ध कराए गए, जिसमें प्रत्येक टीका लगवाने वाले व्यक्ति का पहले आधार कार्ड फीड होता है, फिर ओटीपी नंबर मिलता है। इसके बाद ही टीका लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि महिला को बुखार जैसी समस्या थी।
उसे सीएचसी लाया गया। इलाज के बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर चली गई। उधर, दूसरी ओर जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी सविता यादव ने भी मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि टीका एक ही बार लगाया गया है। इस बात की पुष्टि चिकित्सकों ने की है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरें भ्रामक हैं।