अपने पद पर रहते हुए गंभीर अनियमितता पाए जाने के आरोप में यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर सहित तीन आईपीएस अफसरों को मंगलवार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। तीनों ही अफसरों को सरकारी सेवा के लिए अनुपयुक्त पाया गया है।
यह फैसला गृह मंत्रालय द्वारा स्क्रीनिंग के बाद लिया गया। बता दें कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर ( आईजी रूल्स एवं मैनुअल) के खिलाफ कई तरह की जांच चल रही थी।
सेवानिवृत्त होने वाले अन्य अफसरों में राजेश कृष्ण (सेना नायक 10 बटालियन बाराबंकी) व राकेश शंकर ( डीआईजी स्थापना) भी हैं। राजेश कृष्ण का आज़मगढ़ में पुलिस भर्ती में घोटाले में नाम आया था।
वहीं, देवरिया शेल्टर होम प्रकरण में आईपीएस राकेश शंकर की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट किया है कि मुझे अभी-अभी वीआरएस (लोकहित में सेवानिवृति) आदेश प्राप्त हुआ. सरकार को अब मेरी सेवाएँ नहीं चाहिये. जय हिन्द !
इसके अलावा उन्होंने ट्वीट कर आदेश का लेटर भी जारी किया है: