अफसरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में बिजली बिल का 40 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन, 32 प्रतिशत काउंटर से और 30 प्रतिशत विभिन्न ई-वॉलेट के माध्यम से प्राप्त हो रहा है। ऑनलाइन सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए लोड बढ़ाने से लेकर नाम, पता बदलने तक की सुविधा ऐप के माध्यम से दी जा रही है। साथ ही बिजली का बिल जमा करने के लिए प्रतिमाह औसतन 7 एसएमएस भी भेजे जाते हैं।
अक्टूबर-नवंबर 2023 में मेंटेनेंस माह मनाया गया, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। बताया कि प्रदेश में अप्रैल, मई और जून माह में बिजली की एवरेज मांग में बढ़ोतरी हुई है। गर्मी के मौसम में सामान्य दिनों में 27 से 28 हजार मेगावॉट की डिमांड होती है, जबकि इन दिनों पड़ी भीषण गर्मी में मांग 33 से 35 हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है। बरसात के बाद इसमें कमी आने की उम्मीद है।
प्रदेश में 5255 मेगावाट की 10 यूनिट्स को लगाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। इसके अलावा 5120 मेगावाट की तीन बड़ी परियोजनाएं ओबरा डी, अनपरा ई और मेजा द्वितीय पर भी काम जारी है। प्रदेश में बिजली के ट्रांसमिशन लॉस को न्यूनतम स्थिति में पहुंचाते हुए 3 प्रतिशत पर लाने का कार्य हुआ है।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में नोएडा, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर और लखनऊ में विभाग की कई बड़ी परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्यघर परियोजना के प्रथम चरण में देश में 1 करोड़ जबकि यूपी में 25 लाख सोलर रूफ टॉप लगने हैं। इसके लिए अबतक 16 लाख 97 हजार रजिस्ट्रेशन का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना को तेज गति से अमल में लाया जाए।