लखनऊ। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन मालिक को अगवा कर बंधक बनाने और उससे असलहे के दम पर करीब डेढ़ से दो सौ करोड़ रुपये की जमीन को मनमाने दाम पर एग्रीमेंट कराने के मामले में गोसाईंगंज थाने में केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी थी। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से शिकायत पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने से दोबारा हुई विवेचना में एमआई बिल्डर्स ग्रुप के तीन अधिकारियों को जमीन हड़पने व फर्जीवाड़े का आरोपी पाया गया। उनके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी है। वहीं कोर्ट ने आरोपी निदेशकों को चार फरवरी को कोर्ट में तलब किया है।
हजरतगंज के गुलमोहर अपार्टमेंट में रहने वाले धनप्रकाश बुद्घराजा की सरसवां अर्जुनगंज में जमीन थी। आरोप है कि इसे हड़पने के लिए शाहनजफरोड निवासी लवी अग्रवाल उर्फ लवी कबीर अप्रैल 2013 में अपने कई साथियों संग घर में घुस गया। परिवार को बंधक बना लिया। पहले से तैयार एग्रीमेंट पर असलहे के दम पर दस्तखत करा लिए। आरोप है कि एग्रीमेंट पेपर पर 21 करोड़ रुपये दर्ज किए गए थे लेकिन आरोपियों ने 25-25 लाख के चेक दिए और चुप रहने की धमकी देकर चले गए। इसके बाद एमआई बिल्डर के मालिक मो. कादिर अली के पास ले जाकर नए सिरे से जमीन का एग्रीमेंट तैयार कराया। एमआई बिल्डर के कार्यालय में जमीन के दस्तावेज पर दस्तखत कराए जिसमें 70 प्रतिशत के मालिक मो. कादिर अली, 15 प्रतिशत के लवी कबीर और 15 प्रतिशत पीड़ित व उसकी पत्नी थे। इसके बावजूद रुपये नहीं दिए गए। पीड़ित ने गोसाईंगंज थाने में तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना में आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं अपनी अंतिम रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश कर दी।
पुलिस कमिश्नर के आदेश पर दोबारा हुई विवेचना
पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से शिकायत की। पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट से अंतिम रिपोर्ट वापस मंगवाकर विवेचना दोबारा शुरू करने का आदेश दिया। दोबारा विवेचना में एमआई बिल्डर्स के निदेशकों लवी अग्रवाल उर्फ लवी कबीर, मो. कादिर अली व मो. कासिम अली द्वारा फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की 6074.349 वर्गमीटर के फर्जी दस्तावेज पर 30727 वर्गमीटर जमीन हड़पने की पुष्टि हुई। विवेचक ने आरोपियों को बंधक बनाने, असलहे के दम पर एग्रीमेंट कराने, अपहरण, धोखाधड़ी, छल, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और साजिश रचने का आरोपी पाया। उनके खिलाफ चार्जशीट अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल कर दी। कोर्ट ने आरोपियों को 4 फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने का सम्मन जारी कर दिया है।
मुख्य सचिव से भी की शिकायत
पीड़ित धनप्रकाश बुद्घराजा ने मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा से भी शिकायत की है जिसमें आरोप लगाया है कि उसकी जमीन को एमआई बिल्डर्स प्रा. लि. के डायरेक्टर मो. कादिर अली, कबीर लवी को सपा सरकार का संरक्षण प्राप्त था। इन लोगों ने सरकार की धौंस दिखाकर पूरी जमीन हड़प ली। आरोप है कि बिल्डर ने अपने रसूख का प्रयोग कर एलडीए से एमआई सेंट्रल पार्क नाम से ग्रुप हाउसिंग परियोजना का मानचित्र भी स्वीकृत करा लिया। जिस पर आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने जनवरी 2017 में अपनी एनओसी भी जारी कर दी।