विभिन्न सरकारी नियुक्तियों में नाईलेट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पूर्व में डोएक) का सीसीसी (कोर्स ऑन कम्प्यूटर कॉन्सेप्ट्स) सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने से इसके लिए होने वाले पंजीकरण 7 गुना तक बढ़ गए हैं।
19 अक्तूबर से शुरू होने वाले इस सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षा में उत्तर प्रदेश से करीब 2 लाख 3 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।
सिर्फ लखनऊ से ही इस परीक्षा में लगभग 24 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। एक तरफ जहां इस सर्टिफिकेट कोर्स के पंजीकरण बढ़े हैं, वहीं इससे जुड़े फर्जीवाड़े के खतरे भी पैदा हो गए हैं।
इसी को देखते हुए नाईलेट अब ऐसे सुरक्षा इंतजाम करने जा रहा है, जिससे धांधली न हो सके।
4 माह में तेजी से बढ़े पंजीकरण
नाईलेट से मिले आंकड़ों के अनुसार इस साल मई-जून तक इस कोर्स में पंजीकरण संख्या काफी कम थी।
पूरे प्रदेश से हर महीने 30 से 40 हजार के बीच में पंजीकरण हुआ करते थे, जबकि जुलाई में उत्तर प्रदेश में पंजीकरण की संख्या 1.68 लाख रही। इनकी परीक्षा सितंबर में हुई।
इसके बाद अगस्त में तो पंजीकरण की यह संख्या 2 लाख 3 हजार पहुंच गई। इसी तरह लखनऊ की बात करें तो मई-जून तक स्थिति यह थी कि प्रतिमाह पंजीकरण की संख्या 3 से 4 हजार के बीच रहा करती थी, जो कि जुलाई में 18 हजार और अगस्त में 24 हजार तक पहुंच गई।
अगस्त में जिन अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है, उनकी परीक्षा 19 अक्तूबर से कराई जाएगी।
बदलनी पड़ी व्यवस्था
पंजीकरण की संख्या अचानक इतनी अधिक बढ़ जाने की वजह से नाईलेट को अपनी व्यवस्था में भी बदलाव करना पड़ा है।
पहले इसका पंजीकरण मैन्युअल हुआ करता था, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के चलते सितंबर से इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था लागू की गई।
इसके साथ ही इसकी परीक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया। पहले केवल गोरखपुर केंद्र पर ही प्रतिमाह इसकी परीक्षा सम्पन्न कराई जाती थी।
अन्य केंद्रों पर त्रैमासिक परीक्षा होती थी, लेकिन अभ्यर्थी बढ़ने से अब पूरे प्रदेश में इसकी परीक्षा प्रतिमाह आयोजित की जाने लगी है।
सेवायोजन कार्यालय में बढ़ानी पड़ी सीटें
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में नाईलेट का सीसीसी सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जाता है। यहां पंजीकरण के साथ ही अभ्यर्थियों की प्रैक्टिकल और थ्योरी कक्षाएं संचालित होती हैं।
इस साल मई तक सेवायोजन कार्यालय में इस कोर्स के लिए 200 सीटें हुआ करती थीं, जिनकी पढ़ाई 8 बैच में विभाजित करकेहोती थी, लेकिन मांग बढ़ने की वजह से सेवायोजन कार्यालय में सीटों की संख्या 350 कर दी गई है।
अब यहां 14 बैच चलते हैं। इसके लिए कार्यालय में कम्प्यूटर लैब के साथ ही थ्योरी और प्रोजेक्टर कक्ष की संख्या भी बढ़ाई गई है।
नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा
परीक्षा में किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो इसके लिए नाईलेट की ओर से विशेष तैयारी की जा रही है। नई सुरक्षा व्यवस्था अक्तूबर माह से ही दिखने लगेगी।
नाईलेट गोरखपुर के डायरेक्टर इंचार्ज आलोक त्रिपाठी ने बताया कि अब वह लोग इस परीक्षा के लिए ऐसे केंद्र बना रहे हैं, जहां सीसीसी कोर्स संचालित न किया जाता हो।
इससे केंद्र पर परीक्षार्थी को किसी भी तरह की अनैतिक मदद नहीं मिल पाएगी। 19 अक्तूबर से होने वाली परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों में 80 से 90 प्रतिशत केंद्र इस बात को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
इसके अलावा जल्द ही इसमें बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन और सीसीटीवी की व्यवस्था लागू की जाएगी। बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू होने से परीक्षा में केवल वही परीक्षार्थी सम्मिलित हो पाएगा, जिसने असल में पंजीकरण कराया है।