लखनऊ। बंथरा इलाके में छह दिन पहले संदिग्ध हालात में सड़क किनारे मृत पड़े मिले ट्रक क्लीनर युवक के मामले में अभी तक सड़क हादसा बताने वाली बंथरा पुलिस ने आखिरकार हत्या की धारा बढ़ा दी है। वहीं मंगलवार को नाटकीय ढंग से आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया है।
गत 29 सितंबर को बंथरा के नरेरा गांव निवासी सहदेव यादव का बेटा व ट्रक क्लीनर मोनू (22) बंथरा इलाके में नरेरा मोड़ से करीब 100 मीटर दूर सड़क किनारे संदिग्ध हालात में मृत पड़ा मिला था। उसके सिर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान थे। मृतक के पिता सहदेव ने उसकी हत्या का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि मोनू रायबरेली जिले के खीरों थानान्तर्गत मोहनपुर निवासी ट्रक चालक सुशील के साथ उसके ट्रक पर क्लीनर था। 29 सितंबर को पूरे दिन ट्रक चालक सुशील और बाबू रावत सहित चार लोग नरेरा-दादूपुर रोड पर रामशंकर यादव के घर के पास ट्रक लेकर खड़े रहे। उसी रात 10 बजे मोनू के सड़क किनारे मृत पड़े होने की सूचना मिली।
जब पीड़ित परिवार मौके पर पहुंचा तो मोनू जमीन में बिछी दरी पर मृत पड़ा था। उसके सिर के पास कंबल और बगल में चप्पल रखे थे। सिर पर गंभीर चोटों के निशान होने के अलावा खून का रिसाव हो रहा था। जबकि शव के ऊपर चादर पड़ी थी। आरोप है कि घटना के बाद सहदेव ने पुलिस को हत्या की तहरीर भी दी लेकिन पुलिस सड़क दुर्घटना का राग अलापती रही। बाद में परेशान सहदेव ने ग्रामीणों के साथ थाने पर पहुंचकर हंगामा कर पुलिस उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद घटना को दुर्घटना बताने वाली बंथरा पुलिस ने आनन-फानन मामले को हत्या में तरमीम कर मंगलवार को नाटकीय ढंग से ट्रक चालक सुशील को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे बंथरा इलाके के जुनाबगंज मोड़ से गिरफ्तार होना दिखाया है। पुलिस ने आरोपी सुशील से पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया है।