उन्होंने कहा कि निवेश के लिए कंपनी में निवेशक के नाम एक खाता खोला जाता है जिसमें 600 रुपया लगेगा। चूंकि कंपनी के एजेंट पीड़ितों के पूर्व परिचित थे इसलिए उनकी बातों पर भरोसा करके अक्तूबर 2017 में सबने निवेश शुरू कर दिया। कंपनी ने सबके खाते खुलवाकर उन्हें जमा रकम की रसीदें भी दे दीं। कुछ दिन तक तो सबको ब्याज के रूप में रुपये मिले, बाद में रकम मिलना बंद हो गई।
रमेश चंद्र वर्मा 510000 धर्मेंद्र गुप्ता 200000 बृजेश कुमार पांडेय 520000
आलोक वर्मा 510000 संजू देवी 360000 आलोक कुमार 510000
पूजा वर्मा 510000 शिवानी सिंह 50000 विजय कुमार नाग 200000
देवीदीन 100000 गजोधर 10000 श्वेता तिवारी 560000
प्रदीप कुमार 200000 शिवम शर्मा 215000 आरके यादव 100000
विद्यावती 200000 संतोष कुमार 860000 अतुल यादव 100000
मिश्रीलाल 110000 रामसजीवन 200000 अमित यादव 100000
आशुतोष सिंह 60000 रेखा नाग 200000 शंकर बली सिंह 200000
जितेंद्र गुप्ता 165000 सुरेंद्र कुमार 100000 बसंत सिंह 300000
रामतीरथ गुप्ता 250000 शिवम नाग 200000
विश्वास ट्रेडिंग कंपनी का अध्यक्ष विश्वजीत विश्वास था। कंपनी का निदेशक पश्चिम बंगाल निवासी मिट्ठू उर्फ शंकर गायन, धीरज बहादुर यादव के अलावा संदीप, राजीव विश्वास, धीरज श्रीवास्तव, राजू मजूमदार, सुप्रिया विश्वास, प्रसेनजीत सरदार, भारत मोदी, चंचल यादव, व मनीष कूल भी अधिकारियों के पद पर थे।
सभी जगह-जगह कंपनी के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यक्रम करते थे और लोगों को कंपनी के प्लान बताकर रुपये निवेश कराते थे। कंपनी का ऑफिस गोमतीनगर के विभूखितखंड इलाके में था। वहां निवेश के लिए आने वालों को बताया जाता था कि कंपनी का एक मार्ट बाराबंकी में जमुरिया नाले पर विश्वास मेगा मार्ट के नाम से है। इसके अलावा कई अन्य जगह भी कंपनी ने मोटी रकम निवेश कर रखी है। हालांकि, फर्जीवाड़ा खुलने पर कंपनी के कई संचालकों को गिरफ्तार करके बैंक खाते सीज कर दिए गए थे।