राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कुलपति का कार्यभार प्रति कुलपति प्रो. विनीत कुमार कंसल को सौंपा है। प्रो. कंसल ने निवर्तमान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक से सोमवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि वह विवि की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
गौरतलब है कि प्रो. पाठक 04 अगस्त 2015 में एकेटीयू के कुलपति का कार्यभार संभाला था। इसके बाद उन्हें 02 अगस्त 2018 में तीन साल के लिए कार्य विस्तार दिया गया था, जो 02 अगस्त 2021 को पूरा हो गया। इससे पहले 08 अप्रैल को प्रो. पाठक छत्रपति साहू जी महाराज विवि कानपुर के कुलपति बना दिए गए थे। इसके साथ ही उन्हें एकेटीयू के नए कुलपति की नियुक्ति होने तक उन्हें यहां का भी कार्यभार दिया गया था। हालांकि राजभवन ने नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया शुरू की है, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इसके चलते प्रो. कंसल को एकेटीयू का चार्ज दिया गया है।
उधर, सोमवार देर शाम आईईटी में प्रो. पाठक का विदाई समारोह हुआ। इस मौके पर प्रो. पाठक ने कहा कि प्राविधिक शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयास सफल रहे हैं। इस अवसर पर पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार, प्रो. मनीष गौड़, प्रो. नीलम श्रीवास्तव, आईईटी रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप कुमार आदि मौजूद थे।
प्रो. पाठक ने एकेटीयू का किया डिजिटल कायाकल्प
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कुलपति के रूप में प्रो. विनय कुमार पाठक के छह साल के कार्यकाल में शोध, नवाचार, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में काफी बदलाव हुआ। साथ ही विवि को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण काम किया।
प्रो. पाठक ने गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा की सुनिश्चितता के लिए 280 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पहले परीक्षा में डिजिटल मूल्यांकन और फिर ऑनलाइन पेपर भेजने की व्यवस्था शुरू की। वर्तमान में विवि ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन कर रहा है। विवि के जानकीपुरम विस्तार स्थित भवन का लोकार्पण किया गया।
प्रो. पाठक ने संस्थानों के बहुमुखी इन्फ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट के लिए 200 करोड़ की पंडित दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना लागू की। ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट को गति देने के लिए यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री इंटरफेस सेल का गठन किया। इसके जरिए अब तक 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया गया। उनके नेतृत्व में संबद्ध संस्थान आईईटी को पांच ब्रांचों में एनबीए एक्रीडिएशन मिला। विवि की पूरी कार्यप्रणाली डिजिटल हुई। यूपीएसईई 2018 की 100 टॉपर छात्राओं और 100 टॉपर एससी-एसटी विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे गए। कोरोना काल में 750 से अधिक संबद्ध संस्थानों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन लर्निंग की सुविधा प्रदान की गई।
कोरोना काल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोविड-19 डायग्नोस्टिक स्क्रीनिंग टूल विकसित किया। विवि के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में कई अत्याधुनिक लैब की स्थापना की। विवि व कॉलेजों ने गांवों के विकास के लिए गांव गोद लिए। आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए हैं।