लखनऊ विश्वविद्यालय में अपनी कक्षा में सही से न पढ़ाने वाले शिक्षकों पर विशेष निगाह रखी जाएगी। विद्यार्थी अब न सिर्फ टीचर के कक्षा में उपस्थिति की जानकारी देंगे बल्कि उनके पढ़ाने के तरीके पर भी राय दे सकेंगे। विद्यार्थी विभाग में साफ-सफाई, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं की स्थिति पर भी विचार रख सकेंगे।
ऐसा लविवि की ओर से शुरू किए जा रहे ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम से संभव होगा। इसमेें विद्यार्थी एकेडमिक और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी फीडबैक ऑनलाइन दे सकेंगेे। दिसम्बर के पहले सप्ताह में पोर्टल शुरू करने की योजना है। लविवि के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंश सेल (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. राजीव मनोहर ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर फीडबैक पोर्टल का काम पूरा कर लिया गया है।
इसमें विद्यार्थी फॉर्म भरेंगे, जिसमें 20 बिंदु होंगे। ये सभी शिक्षक और पठन-पाठन पर आधारित होंगे। जैसे, कक्षा में शिक्षक की उपस्थिति, उसका व्यवहार, पढ़ाने का तरीका आदि। हर सवाल पर चार विकल्प मिलेंगे। इनमें से किसी एक को चिह्नित करना होगा। दूसरा फॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित होगा। इस फॉर्म में 16 बिंदु होंगे। इनमें पुस्तकालय, इंटरनेट, वाई-फाई, साफ-सफाई जैसे सवाल होंगे। विद्यार्थियों को टिप्पणी के लिए दोनों फॉर्म पर एक कॉलम भी मिलेगा।
लविवि ने पोर्टल ऐसे डिजाइन किया है कि फीडबैक की रिपोर्ट जब जरूरत होगी तो एक्सेल शीट पर देखी जा सकेगी। एक्सेल शीट पर होने से रिजल्ट को विभिन्न आधार पर शॉर्ट करना संभव होगा। इस तरह से विवि प्रशासन इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की स्थिति, पुस्तकालय, साफ-सफाई या किसी अन्य बिंदु के आधार पर सबसे अच्छे और सबसे खराब विभागों का पता एक क्लिक पर ही लगा सकेगा।