मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि महिलाओं से छेड़खानी और यौन उत्पीड़न के आरोपी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगे बिना उनके खिलाफ अब सीधे कार्रवाई की जा सकेगी। महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की अनुशासन नियमावली 1999 में संशोधन किया है।
संशोधन के प्रस्ताव को को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। नियमावली के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ छेड़खानी या यौन उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता था और इसके बाद कार्रवाई की जाती थी।
अब यह प्रावधान किया गया है कि छेड़खानी या यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच करने वाली समिति जिसमें एक महिला सदस्य भी शामिल हो, अगर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करती है तो उससे बिना स्पष्टीकरण मांगे ही उसे लघु दंड दिया जाएगा। गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान पहले से है। इसके अलावा कैबिनेट में कई और निर्णय भी हुए।
इंफोसिस को दी स्टांप में छूट
राज्य सरकार ने इन्फोसिस लिमिटेड को नोएडा में कैंपस खोलने के लिए दी गई जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टांप शुल्क से छूट देने का निर्णय किया है। इन्फोसिस अपनी इस इकाई में लगभग 1400 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
इससे 35 हजार लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया जा रहा है। स्टांप शुल्क में छूट इस शर्त के साथ दी गई है कि कंपनी स्टांप शुल्क की राशि के बराबर नोएडा प्राधिकरण में बैंक गारंटी जमा करेगी।
इन्फोसिस को नोएडा के सेक्टर 85 में गत 31 जनवरी को 27.75 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इन्फोसिस ने इसके लिए 137 करोड़ रुपये जमा कराए हैं।
जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाली लगभग 15 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी माफ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार का मानना है कि इन्फोसिस की इकाई खुलने से इस क्षेत्र के आसपास भी तेजी से विकास होगा।
हाईवे पर बनेंगे ट्रैफिक थाने और कंट्रोल रूम
राज्य मंत्रिपरिषद ने सड़क हादसों में कमी के लिए उत्तर प्रदेश हाईवे पेट्रोल की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत हाईवे पेट्रोल कमांड सेंटर की स्थापना की जाएगी। हाईवे पेट्रोल के सफल संचालन के लिए ट्रैफिक थाने और नियंत्रण कक्ष भी खोले जाएंगे।
इनके कार्यों की निगरानी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इस योजना के तहत प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों की पूरी सूचना व उसके विश्लेषण के लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा।
अधिक हादसे होने वाले स्थानों को जीपीएस के जरिये चिह्नित कर हादसे के कारणों का अध्ययन कर दुर्घटनाओं में कमी के प्रयास किए जाएंगे।
इस अध्ययन से दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में ट्रॉमा सेंटर्स खोलने के लिए स्थान निर्धारण में भी सहायता मिलेगी। हाईवे पेट्रोल परियोजना के कार्यों का पर्यवेक्षण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति करेगी।
दारुलशफा में मंत्रियों के लिए बहुमंजिला मकान
राज्य सरकार दारुलशफा के बी ब्लॉक के पीछे खाली पड़ी जमीन पर मंत्रियों के 40 बहुमंजिला आवास बनाने का निर्णय किया है।
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मकान बनाने के लिए परियोजना में शामिल विशिष्टियों को मंजूरी दी गई।
इन मकानों के निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था राज्य संपत्ति विभाग ने पहले चरण में कर दी है।