फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी चुनाव 2022: मायावती का आह्वान, चुनाव में जुटें कार्यकर्ता, 2007 की तरह चुनाव परिणाम देंगे

Tue, 23 Nov 2021 04:17 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर सभी सुरक्षित सीटों पर अपनी निगाह लगा दी है। मंगलवार को उन्होंने सभी सुरक्षित सीटों के बसपा विधानसभा अध्यक्षों को बैठक के लिए बुलाया है। उन्होंने प्रेस कॉंफ्रेंस कर कहा कि हमने 2007 से 2012 तक सत्ता में रहने के दौरान जो विकास कार्य किए उनका प्रचार करके ही जनता से समर्थन मांगेंगे।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि चुनाव की तैयारी में जुटें। बसपा 2007 के चुनाव की तरह 2022 में भी परिणाम देगी। उन्होंने कहा कि हमने 2007 से 2012 के दौरान सत्ता में रहते हुए जो विकास के कार्य किए। उनका प्रचार करके ही जनता से समर्थन मांगेंगे।

विज्ञापन


मायावती ने कहा कि उन्होंने कांशीराम की पुण्यतिथि पर पार्टी पदाधिकारियों से कहा था कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ कमेटियों की समीक्षा करें। इसी के मद्देनजर आज सभी विधानसभा अध्यक्षों को बुलाया गया है । सभी सुरक्षित 84 सीटों के विधानसभा अध्यक्षों को बुलाकर उन्हें चुनावी मैदान में जुट जाने को कहा गया है। मायावती ने कहा कि वे सभी अपने क्षेत्र में उसी तरह से तैयारी करेंगे जिस तरह वर्ष 2007 में की थी।

उन्होंने कहा कि वह इन सभी सीटों पर तैयारियों की खुद समीक्षा करेंगी साथ ही पार्टी के महासचिव सतीश मिश्रा को भी यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह इन सभी सीटों पर ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए समीक्षा करें और एक नया समीकरण तैयार करें।
विज्ञापन


मायावती ने कहा कि अपनी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक फोल्डर तैयार किया गया है जिसे कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। एक नई रणनीति तैयार करने को भी कहा गया है। मायावती ने कहा कि उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों को सपा और भाजपा अपना बताती रही हैं । ऐसे में लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी है।

उन्होंने कृषि कानूनों की वापसी पर कहा कि अब केंद्र सरकार को इस मामले को ज्यादा नहीं लटकाना चाहिए। किसानों के अन्य जो भी मसले हैं उनकी जो भी जायज मांगे हैं उनको मान लेना चाहिए ताकि किसान खुशी-खुशी अपने घरों को लौट सकें।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें