जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा इसे प्रचारित करेगी कि मुलायम सिंह आमंत्रण मिलने के बाद भी मुस्लिम वोट बैंक की खातिर पिछड़े वर्ग के नेता कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने नहीं पहुंचे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सपा पर पहले ही ऐसा आरोप लगा चुके हैं। भाजपा केवल सपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस को भी इस मुद्दे पर घेरेगी।
वहीं मायावती ने 22 अगस्त को खुद कल्याण सिंह के आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि देकर और मंगलवार को सतीश चंद्र मिश्रा को भेजकर साफ कर दिया है कि पिछड़े वोट बैंक पर उनकी भी नजर है। बसपा सुप्रीमो खुद को मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप से बचाते हुए दलित, पिछड़े और मुस्लिम वोट बैंक को साधने की रणनीति बना रही हैं।