खतौली विधानसभा सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए भी भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। यहां राष्ट्रवाद का रंग देने के लिए मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी पूर्व विधायक विक्रम सिंह की पत्नी राजकुमारी को मैदान में उतारा है। वहीं, सपा समर्थित रालोद प्रत्याशी मदन भैया के खिलाफ कानून व्यवस्था का मुद्दा बनाया गया है। भाजपा यहां फूंक-फूंककर कदम रख रही है। उप चुनाव में जनता के बीच कोई गलत संदेश जनता न जाए इसके चलते सपाई हुए पूर्व मंत्री धर्मसिंह सैनी की दोबारा ज्वाइनिंग टाल दी गई है।
पिछड़ों को टिकट देने का मिलेगा फायदा
पश्चिम के पिछड़े वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा ने मैनपुरी में शाक्य समाज के रघुराज शाक्य और खतौली में राजकुमारी सैनी को प्रत्याशी बनाया है। यहां कई जिलों में दोनों समाज निर्णायक भूमिका में हैं। पार्टी को उम्मीद है कि 2024 में उसे इस रणनीति का फायदा जरूर मिलेगा। भाजपा मैनपुरी से लेकर रामपुर और खतौली तक रण से बाहर बसपा के जाटव वोट बैंक में सेंध लगा रही है। सरकार और पार्टी में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता अपनी बिरादरी के बीच भाजपा को ही एकमात्र सहारा बता रहे हैं। इस वोट बैंक पर कब्जा कर पार्टी 2024 में मुकाबले को त्रिकोणीय की जगह आमने-सामने का रखना चाहती है।