सरकार ने मथुरा-वृंदावन में मांस व शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के 10 किलोमीटर परिधि में स्थित 22 वार्र्डों को तीर्थ स्थल घोषित करते हुए मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करके दी। धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मस्थली और वृंदावन उनकी क्रीडास्थली है। मथुरा और वृंदावन के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष वहां आते है। दोनों तीर्थ स्थलों का पौराणिक महत्व के साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्व है। इसी के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने मथुरा-वृंदावन नगर निगम के 22 वार्डों को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित करते हुए वहां मांस-मदिरा की बिक्री को प्रतिबंधित किया है।
ब्रज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के अध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा ने बताया कि इससे पहले सरकार ने बृज क्षेत्र के गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, राधाकुंड, वृंदावन, गोकुल और बलदेव को तीर्थ स्थल घोषित कर वहां मांस मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने बताया कि मथुरा-वृंदावन के 22 वार्डों और इससे पहले घोषित सात तीर्थ स्थलों पर ही भगवान कृष्ण और राधारानी से जुड़े अधिकांश स्थल व मंदिर है। मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालु इन्हीं स्थानों पर आते हैं और यहीं ठहरते है। इन वार्डों को तीर्थ स्थल घोषित करने से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
इन वार्डों को किया गया तीर्थ स्थल घोषित
1. घाटी बहालराय, 2. गोविंद नगर, 3. मंडी रामदास, 4. चौबियापाड़ा, 5. द्वारिकापुरी, 6.नवनीत नगर, 7. वनखंडी, 8.भरतपुरगेट, 9. अर्जुनपुरा, 10. हनुमान टीला, 11. जगन्नाथपुरी, 12. गऊघाट, 13. मनोहरपुरा, 14. बैरागपुरा, 15. राधानगर, 16. बदरीनगर, 17.महाविद्यालय कॉलोनी, 18. कृष्णा नगर प्रथम, 19. कृष्णा नगर द्वितीय, 20. कोयला गली, 21. दम्पियर नगर और 22 जय सिंह पुरा।