बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) एक बार फिर स्नातक व परास्नातक प्रवेश के मामले में पिछड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां राजधानी के सभी विश्वविद्यालयों में इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं आधा जून बीत जाने के बाद भी अभी विश्वविद्यालय में इसकी प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है। पहले विश्वविद्यालय सेंट्रल यूनिवर्सिटी कंबाइंड इंट्रेंस टेस्ट (सीयूसेट) में जाने की तैयारी कर रहा था, बाद में फिर अपने स्तर पर ही प्रवेश प्रक्रिया कराने का निर्णय लिया गया है।
राजधानी में लखनऊ विश्वविद्यालय व सहयुक्त कॉलेजों ने मार्च में ही प्रवेश आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी। जबकि ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय व डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने हाल में प्रवेश आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जबकि बीबीएयू में अभी यूजी-पीजी प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विश्वविद्यालय ने हाल में तय किया की बीटेक के प्रवेश जेईई और एमबीए के कैट स्कोर से होंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया। किंतु स्नातक, परास्नातक , डिप्लोमाकोर्सों व पीएचडी को लेकर अभी तक कोई कवायद नहीं शुरू की गई है। पिछले दिनों विश्वविद्यालय में डीन-हेड की बैठक में तय हुआ कि प्रवेश प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही आयोजित की जाएगी। किंतु इसके भी काफी समय बीत जाने के बाद अभी इस दिशा में कोई खास कवायद नहीं शुरू हुई। जबकि आधा जून बीतने को है। यहां प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी यहां-वहां भटक रहे हैं। उन्हें इससे जुड़ी जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
विवि ने बीटेक-एमबीए के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं। बाकी कोर्सों के लिए स्थानीय स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया का आयोजन किया जाएगा। जल्द ही इसकी विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी। इस पर काफी तेजी से काम चल रहा है।
- डॉ. रचना गंगवार, प्रवक्ता, बीबीएयू