धन्नीपुर में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की ओर से प्रस्तावित अहमदुल्लाह शाह मस्जिद का नक्शा सिर्फ पांच एनओसी देने पर पास कर दिया जाएगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इसके लिए मस्जिद ट्रस्ट को पत्र भेजा है। पहले नक्शा पास करने के लिए 15 तरह के अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगे गये थे। अब मस्जिद ट्रस्ट को सिर्फ अग्निशमन विभाग, प्रदूषण विभाग, एयरपोर्ट, स्ट्रक्चर डिजाइन व जिला प्रशासन की ओर से एनओसी देनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में अयोध्या में पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के निर्देश दिया था। जिला प्रशासन की ओर से सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ भूमि बोर्ड को दी गई है। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद निर्माण के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट बनाकर पांच एकड़ भूमि पर मस्जिद समेत, हॉस्पिटल, अनुसंधान केंद्र व कम्यूनिटी किचन बनाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए ट्रस्ट ने अयोध्या विकास प्राधिकरण में पहले ऑफलाइन व बाद में ऑनलाइन नक्शा जमा किया। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक नक्शा पास नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि अलग-अलग विभागों से ट्रस्ट को अभी मस्जिद के लिए एनओसी नहीं मिली है। मस्जिद ट्रस्ट की ओर से एनओसी की जटिलताओं को लेकर सवाल भी खड़े किए जा रहे थे। इन सबके बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण ने पूरे मामले का फिर से अध्ययन किया।
जिसमें पाया गया है कि आमतौर पर ऑनलाइन नक्शा जमा होने में 15 एनओसी लगती हैं, लेकिन यह भूमि सरकार की ओर से सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गई है। इस कारण कई प्रकार की एनओसी की आवश्यकता नही है। धन्नीपुर की मस्जिद का नक्शा पास करने के लिए सिर्फ पांच एनओसी चाहिए।
विकास प्राधिकरण का कहना है कि वह नक्शा पास करने पूरा सहयोग करने को तैयार हैै। बताया जा रहा है कि अभी तक मस्जिद ट्रस्ट की ओर से जो नक्शा जमा हुआ है, उस पर आर्किटेक्ट के साइन भी नहीं हैं। इसके अलावा स्ट्रक्टर डिजाइनर के फॉर्मेट का कॉलम भी अधूरा है। इसके लिए स्ट्रक्चर डिजाइनर को कार्यालय में आकर फॉर्मेट भरकर साइन करना होगा।
मस्जिद ट्रस्ट से सिर्फ पांच प्रमुख एनओसी मांगी गई है। इसी पर मस्जिद का नक्शा पास कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मस्जिद ट्रस्ट को नक्शे संबंधी कोई दिक्कत पेश आती है तो वह अपनी समस्याओं का निराकरण जान सकते हैं।
- आरपी सिंह, सचिव अयोध्या विकास प्राधिकरण