होलाष्टक 3 मार्च से 9 मार्च तक रहेगा। कई स्थानों पर होलाष्टक शुरू होने पर पेड़ की डाल काटकर रंग-बिरंगे कपड़े बांधकर डाल को जमीन में दबा देते हैं। इस दिन आम की मंजरी तथा चंदन को मिलाकर खाने का भी महत्व है। होलाष्टक के दौरान कुछ क्षेत्रों में विवाह आदि शुभ मंगल कार्य वर्जित माने जाते हैं।