रथयात्रा लेकर निकले अखिलेश यादव।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को रथ यात्रा के जरिए चुनावी शंखनाद किया। लखनऊ से निकलते ही विभिन्न स्थानों पर स्वागत समारोह के बहाने उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। खास बात यह है कि चुनावी अभियान की शुरुआत के दिन एक तरफ बकरीद का पर्व था तो दूसरी तरफ निषाद समुदाय के लिए संघर्षशील रहे पूर्व मंत्री मनोहर लाल की जयंती। सपा के रणनीतिकार इन दोनों पहलुओं को सियासी नजरिए से अहम मानते हैं।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के लोग झगड़ा लगाने का काम करते हैं। भाजपा ने पंचायत चुनावों में नोट का इस्तेमाल किया और ब्लाक प्रमुख तथा जिला पंचायत अध्यक्षों के पद हथिया लिए। भाजपा ने सरकारी संस्थाओं को बेच दिया है।
उन्होंने युवाओं पर दांव चलते हुए कहा कि भाजपा सरकार के रहते नौजवानों की बेकारी बढ़ी, महंगाई बेलगाम हुई। साढ़े चार साल में एक फैक्ट्री प्रदेश में नहीं लगी है। लोगों को इस सरकार ने भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है। भाजपा को हटाने की अपील करते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी इस बार 350 सीटें जीतेगी।उन्होंने स्वर्गीय मनोहर लाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हें गरीबों, दलितों, पिछड़ों मसीहा करार दिया।।
उन्होंने पूर्व मंत्री के पुत्र स्वर्गीय दीपक कुमार की पत्नी श्रीमती मनीषा दीपक के कोरोना से निधन पर दु:ख जताते हुए सभी कोरोना पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। उन पर पुष्प वर्षा हुई तो कार्यकर्ताओं ने कहीं गदा तो कहीं मुकुट भेंट किया।