राजधानी में कुछ बिजली इंजीनियरों व एजेंसी मीटर रीडरों के साठगांठ कर हर माह 52 हजार उपभोक्ताओं के गलत बिल बनाने का खेल सामने आया है। इंजीनियरों के इशारे पर खराब मीटर व गलत रीडिंग दर्ज कर छह फीसदी लोगों के बिल बनाए जा रहे थे। इनसे जहां उगाही की जा रही थी तो पावर कॉर्पोरेशन को भी दोहरी चपत लग रही थी। इसका कारण था कि उपभोक्ता गलत बिल जमा नहीं करते, ऊपर से एजेंसी को बिल बनाने की कीमत चुकानी पड़ रही थी। इस संबंध में सैकड़ों शिकायतों के बाद मध्यांचल निगम एमडी ने जांच करवाकर मामले से पर्दा उठाया है। उन्होंने 15-15 दिन के दो अभियान चलाकर गलत बिल सही कराने के निर्देश दिए हैं। इसी सिलसिले में बीते शुुुुक्रवार भी लेसा के डिवीजन एक्सईएन को अल्टीमेटम दिया था कि सोमवार दोपहर 12 बजे तक गलत बिल संशोधित कर रिपोर्ट भेजें।
एक माह में दो बार भेजा बिल
अलीगंज के जसपाल सिंह (अकाउंट आईडी 7633110000) को पांच सितंबर को 3430.23 रुपये का बिल जमा करने मेसेज आया। इसके बाद 30 सितंबर को दोबारा बिल 26,559.99 रुपये होने का मेसेज आया। एक महीने में दो बार बिल बना दिया।
20 लाख यूनिट स्टोर रीडिंग पकड़ा
प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि चेकिंग में पिछले महीने 20 लाख यूनिट रीडिंग मीटर में स्टोर पकड़ी गई। इनमें से 12 लाख ट्रांसगोमती और आठ लाख सिस गोमती जोन की हैै। इस रीडिंग को रीडरों ने बिल बनाने के दौरान मीटरों में छोड़ दिया था।
जेब न भरने वाले को दौड़ाते थे
आधिकारिक सूत्रों ने बताया गलत बिल सही करने के नाम पर बाबू से लेकर इंजीनियर तक उगाही करते थे। जो उपभोक्ता जेब नहीं भरते, उन्हें रोजाना कार्यालय दौड़ाया जाता। ऐसे पीड़ितों ने कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराई है। फर्जी रीडिंग से जिन उपभोक्ताओं का गलत बिल बना है उसे संशोधित करने की जांच भी होगी। मध्यांचल निगम इसके लिए कॉमर्शियल अफसरों की टीम बना रहा है। यह लेसा के सभी खंड में संशोधित किए बिलोें की जांच करेगी।
नौकरी से बेदखल होंगे मीटर रीडर
गलत बिल बनाने वाले मीटर रीडरों की आईडी के जरिये पहचान की जा रही है। इन्हें नौकरी से बेदखल किया जाएगा। इन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, जिससे मध्यांचल निगम में कोई एजेंसी इनको दोबारा नौकरी पर नहीं रख सकेगी।
‘अमर उजाला’ से भी करें शिकायत
पीड़ित उपभोक्ता ‘अमर उजाला’ के व्हाट्सएप नंबर 7617566164 एवं ई-मेल lko-cityreporter@lko.amarujala.com पर समस्या की शिकायत कर सकते हैं।
एजेंसी मीटर रीडर जो गलत बिल बना रहे थे उस पर 90 फीसदी अंकुश लग चुका है। जो गलत बिल बचे हैं, वे इस माह सही हो जाएंगे। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की समस्या की शिकायत टोल फ्री नंबर 1912 या पोर्टल पर दर्ज कराएं। इसे 24 घंटे में हल किया जाएगा।
- सूर्यपाल गंगवार, प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ