आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद व प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने दावा किया है कि उनके द्वारा कराए गए सर्वे में 63 प्रतिशत लोंगो ने प्रदेश सरकार को जातिवादी माना है। उन्होंने कहा कि यह सर्वे कराने की वजह से ही सरकार ने प्रदेश में मेरे खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि सर्वे के मुताबिक प्रदेश के 39 जिलों में एक ही जाति के 46 शीर्ष अधिकारी तैनात हैं। जिनमे सभी डीएम, एसपी, डीआईजी, कमिश्नर, आईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
आप सांसद ने रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों के समक्ष अपने सर्वे की रिपोर्ट रखते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने खुद को सर्वे रिपोर्ट पर कायम बताते हुए एक जाति विशेष के अधिकारियों की सूची भी दिखाई। जिसमे एडीजी जोन से लेकर थानेदार तक के पद पर तैनात अधिकारियों के नाम शामिल थे। आप सांसद ने निषाद, राजभर, लोधी, पाल, यादव,वाल्मीकि,पासी, नाई, कुशवाहा व लुनिया जाति के अधिकारियों की तैनाती न किये जाने को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़े किए।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री जय प्रताप निषाद, अनिल राजभर, धर्म सिंह सैनी व सुरेश पासी पर भी अपनी-अपनी जाति के अधिकारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये सभी नेता अपनी जातियों का वोट लेकर सरकार में मंत्री तो बन गए हैं, लेकिन उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप ने तय किया है कि प्रदेश से जातिवादी राजनीति को समाप्त कर 24 करोड़ जनता को न्याय दिलाया जाएगा।
सरकार द्वारा कराए गए एफआईआर को द्वेषपूर्ण राजनीति बताते हुए आप सांसद ने कहा कि मैं इस तरह की नोटिस, मुकदमा और गिरफ्तारी से डरने वाला नहीं हूं। उन्होंने महोबा की घटना की चर्चा करते हुए इस घटना से प्रदेश में पुलिस की गुंडागर्दी उजागर हो गई है। घटना के लिए जिम्मेदार एसएसपी अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं। उनकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।