सांसों की बदबू एक ऐसी समस्या है जिससे अक्सर कई लोग परेशान तो रहते हैं लेकिन सही समय पर इनका इलाज नहीं करवाते। लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि सांसों से आने वाली बदबू का संबंध सिर्फ मुंह या दांतों से ही नहीं है बल्कि कई बीमारियों से हैं।
आइए जानें सांसों की बदबू हमारे लिए किन समस्याओं की वजह हो सकती है और इसके लिए क्या उपाय मददगार हो सकते हैं।
बात कुछ समय की है तो न घबराएं
डाइट में प्याज, अदरक या बहुत अधिक मसालेदार डिश खाने के बाद अक्सर सांसों से बदबू आती है जो कुछ समय के लिए ही होती है। जब इनके पोषक तत्व खून में पूरी तरह घुल जाते हैं तब ये अपनेआप खत्म हो जाती है।
फिर भी इनसे छुटकारे के लिए ब्रश या माउथवॉश से कुल्ला कर सकते हैं। ऐसे में यह कोई गंभीर दिक्कत नहीं है बल्कि थोड़ी हाइजीन से ही आपको राहत मिल सकती है।
मुंह में इन्फेक्शन
ठीक ढंग से रोज ब्रश न करने और दांतों की सफाई न रखने से भी सांसों की बदबू परेशान करती है। मुंह में रह गए भोजन के कण और बैक्टीरिया कई बार इन्फेक्शन पैदा कर देते हैं जिससे भी सांसों से बदबू आती है।
मसूड़े का रोग
सांसों से दुर्गंध और मुंह का स्वाद खराब रहना मसूड़े के रोग पेरिडोंटल के लक्षण हो भी हो सकते हैं। यह बीमारी बैक्टीरिया से निकलने वाले प्लेक (विशेष प्रकार के चिपचिपे तत्व) से होती है जिसमें मसूड़े इतने कमजोर हो जाते हैं कि ये दांतों को सपोर्ट नहीं दे पाते और दांत गिरने लगते हैं।
ड्राइ माउथ
कई बार मुंह में लार बननी कम हो जाती है जिसकी वजह से जेरोस्टोमिया यानी ड्राइ माउथ नामक रोग हो सकता है। अक्सर इस बीमारी में भी सांसों से बदबू की समस्या हो जाती है।
मुंह का कैंसर
बहुत अधिक तंबाकू खाने वाले लोगों में जब पेरिडोंटल बीमारी ओरल कैंसर में तब्दील होने लगती है तो भी सांसों से तेज बदबू आती है।
फेफड़े, लिवर और किडनी से संबंध
कई बार सांसों की बदबू सिर्फ मुंह तक ही नहीं बल्कि कई गंभीर रोगों का भी लक्षण हो सकती है। रेस्पिरेट्री ट्रैक में इन्फेक्शन, क्रोनिक साइनसाइटिस, ब्रोंकाइटिस, डायबिटीज, निमोनिया, लिवर और किडनी में इन्फेक्शन के कारण भी सांसों से दुर्गंध आ सकती है।
ऐसे में सही समय पर इसका इलाज और इसे दूर करने के लिए जरूरी उपाय करने से न सिर्फ इससे छुटकारा पाया जा सकता है बल्कि कई रोगों की आहट को भी पहचाना जा सकता है।
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