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Kavya Cafe: बुंदेलखंड साहित्योत्सव में कवियों ने बिखेरे रंग, हिंदी के साथ-साथ लोकभाषा में पढ़ी कविताएं

काव्य डेस्क

Halchal
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झांसी में आयोजित हुए बुंदेलखंड साहित्योत्यव की अथाई बैठक में काव्य-कैफ़े का आयोजन हुआ। शनिवार दोपहर 3 बजे से शुरू हुई ये महफ़िल लगभग 5 बजे तक चली। चयनित कवियों के अलावा कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं में से लिखने वाले लोगों को कविता पढ़ने का मौका मिला। जिसमें से किसी ने बुंदेली कविता पढ़ी तो किसी ने जीवन के संघर्षों पर मार्मिक कविता पढ़ी। पल्लवी महाजन के अलावा मोहिल द्विवेदी, अनूप काहिल, शैफ़ाली और जितेन्द्र तिवारी ने मुख्य तौर पर इसमें भाग लिया और अपनी कविताएं पढ़ीं। इसके अलावा झांसी के प्रतिष्ठित मंचीय कवि अर्जुन सिंह और संजीब दुबे के साथ वैभव दुबे और मोनिता पाण्डेय मनु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। 



इस कार्यक्रम की वीडियो अमर उजाला काव्य के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर अपलोड होंगी। अगर आप भी इसका हिस्सा बनना चाहते हैं और स्वरचित कविताएं पढ़ना चाहते हैं तो amarujalakavya@gmail.com पर अपने काव्य-पाठ के वीडियो भेज सकते हैं। टीम द्वारा चयनित होने के बाद उनसे संपर्क किया जाएगा। 
3 वर्ष पहले
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