भाजपा लगातार झारखंड में सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर निशाना साधती रही है। वहीं भाजपा के झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने दावा किया कि बुधवार को भाजपा के कम से कम 35 हजार कार्यकर्ताओं ने झारखंड के 24 में से 19 जिलों में विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि सात नवंबर से सात दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने वाली भाजपा आने वाले दिनों में अपना आंदोलन तेज करेगी। भाजपा के प्रदेश के प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस वालो को लोकतंत्र की नीति रीति से कुछ भी लेना देना नही। भाजपा द्वारा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई आंदोलन से इतने बौखला गए है।
वहीं गिरिडीह में भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि दिसंबर में झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से राज्य में सभी विकास कार्य ठप हैं। मरांडी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन को राज्य से बाहर करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
भाजपा नेता मरांडी ने आरोप लगाया कि जब भाजपा ने इन मुद्दों को उठाया, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों झामुमो, कांग्रेस और राजद ने उस पर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। बता दें कि राज्य में कथित अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा तीन नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए तलब करने के बाद भाजपा ने राज्य में अपना आंदोलन शुरू किया।