प्रो. चमन लाल सप्रू को (मरणोपरांत) पद्श्री सम्मान दिया गया।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सप्रू की पत्नी को इसका प्रमाण पत्र सौंपा।
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जम्मू-कश्मीर की दो और विभूतियों को वर्ष 2021 के पद्मश्री सम्मान से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया। सोमवार को तीन विभूतियों को सम्मानित किया गया था। वर्ष 2020 व 2021 में पांच हस्तियों को पद्म सम्मान मिला है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ने साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में प्रो. चमन लाल सप्रू (मरणोपरांत) तथा कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए गुलाम रसूल खान को पद्मश्री उपाधि दी। सप्रू ने जीवन पर्यंत हिंदी को बढ़ावा देने और महिला शिक्षा पर काम किया।
शोषितों को सामाजिक न्याय दिलाने, जम्मू-कश्मीर के साथ ही देशभर के छात्रों में सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने के लिए भी अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही गुलाम रसूल को पैचवर्क से जुड़ी कला को पुनजीर्वित करने के लिए पूरे विश्वभर में जाना जाता है। उन्होंने 700 साल बाद इस कला को पुनर्जीवित किया। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां और राष्ट्र के प्रति अतुलनीय सेवाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रोत्साहित करेंगी। सोमवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग को पद्म भूषण तथा प्रो. शिवदत्त निर्मोही व जावेद अहमद टाक को पद्मश्री पुरस्कार का सम्मान दिया गया था। प्रो. निर्मोही के मंगलवार को उधमपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया है।