शहर के बटमालू इलाके में रविवार की देर शाम आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन आतंकियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस ने बताया कि एसडी कालोनी इलाके में आतंकियों ने पुलिसकर्मी तौसीफ अहमद (29) को करीब से गोली मारी। खून से लथपथ होकर वह मौके पर गिर पड़े। इसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। आतंकियों के भागने के बाद लोगों ने पुलिसकर्मी को घायलावस्था में श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल पहुंचाया।
यहां चिकित्सकों ने मृत लाया घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. कंवलजीत सिंह ने बताया कि अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। बताते हैं कि वह पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में तैनात थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी ली गई। आसपास के वीडियो फुटेज भी खंगाले गए। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने बताया कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। इसमें शामिल आतंकियों को भारी कीमत चुकानी होगी। इस बीच टीआरएफ ने घटना की जिम्मेदारी ली है। बयान में कहा कि उसके गाजी स्क्वायड ने घटना को अंजाम दिया है। पुलिसकर्मी को इस वजह से टारगेट किया गया क्योंकि वह नागरिकों की हत्या मामले में स्तानीय युवाओं की गिरफ्तारी में शामिल था। वहीं, नेकां ने इस क्रूरतापूर्ण घटना की निंदा करते हुए कहा कि इसकी निंदा के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे।
पिछले महीने 13 आम नागरिकों की हत्या
जम्मू-कश्मीर में अक्तूबर में कश्मीरी पंडित मेडिकल कारोबारी, सिख शिक्षक, एक हिंदू शिक्षक तथा चार प्रवासी मजदूरों समेत 13 नागरिकों की आतंकियों ने हत्या कर दी। इन नागरिकों में गलवांटेंग छत्ताबल के अब्दुल रहमान गुरु, एसडी कॉलोनी बटमालू के पीडीडी कर्मी मुहम्मद शफी डार, बिंदरू मेडिकेट के मालिक मक्खन लाल बिंदरू, भागलपुर बिहार का गोलगप्पे वाला वीरेंद्र पासवान, बांदीपोरा के शाहगुंड हाजिन इलाके के सूमो स्टैंड के अध्यक्ष मोहम्मद शफी सोनू, आलूचीबाग की प्रिंसिपल सुपिंदर कौर, जम्मू के दीपक चंद, कुकरनाग के लारनू क्षेत्र के परवेज अहमद, बिहार के अरविंद कुमार, सहारनपुर (यूपी) के बढ़ई सगीर अहमद, बिहार के गोलगप्पे वाले राजा रेशी देव, जोगिंदर रेशी देव और अनंतनाग निवासी शाहिद एजाज शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने विभिन्न आतंकवाद विरोधी ऑपरेशनों में 20 आतंकियों को ढेर किया है। इस दौरान सेना के 12 जवान भी शहीद हुए हैं।
23 जून को पुलिस इंस्पेक्टर को मारी थी गोली
नौगाम के कनीपोरा में 23 जून की रात पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद डार को आतंकियों ने गोली मार दी थी। वह नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे। शहीद इंस्पेक्टर काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर में तैनात थे। इस हमले में दो आतंकी शामिल थे।
अक्तूबर में 20 आतंकियों का हुआ खात्मा
इस साल अक्बतूबर में बीस आतंकियों को मार गिराया गया है। अक्तूबर तक शोपियां के रखहामा, तुलरन, द्रगढ़ और फीरिपोरा, कुलगाम के सोपट, श्रीनगर के बागात और बेमिना, बांदीपोरा जिले के गुंड जहांगीर में मुठभेड़ हो चुकी है। अनंतनाग के खाहगुंड डूरु, पुलवामा के त्राल और वहीबुग और बारामुला में आतंकियों का खात्मा किया गया है।
2021 में अब तक 28 नागरिकों की हत्या
अक्तूबर तक घाटी में 28 नागरिकों को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया है। इनमें पांच हिंदू और सिख समुदायों के हैं। मुठभेड़ में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने के बाद हताश आतंकी आम नागरिकों को अपना निशाना बना रहे हैं।
कुलगाम में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमला, नुकसान नहीं
दक्षिण कश्मीर के कु लगाम जिले में रविवार शाम आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया। हालांकि अभी तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार शाम 6:25 बजे कु लगाम जिले के नेहामा चौक पर सीआरपीएफ की 18वीं बटालियन के एक दल पर आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका जो सड़क किनारे फट गया। घटना के बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया।