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अजब-गजब: किश्तवाड़ में महिला शिक्षक ने सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए रख लिया युवक, बिना काम के ही ले रही वेतन 

Tue, 19 Apr 2022 01:12 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, किश्तवाड़

सार

किश्तवाड़ जिले में जनसीरी छात्रू गांव के प्राथमिक स्कूल का मामला। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय में 20 विद्यार्थी पढ़ते हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार स्कूल में नुसरत बानो बतौर शिक्षक तैनात हैं, लेकिन महीनों से यहां गांव का एक युवक पढ़ा रहा था।
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स्कूल में पढ़ते बच्चे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के दूरदराज इलाकों में शिक्षा किस हाल में है, इसकी बानगी किश्तवाड़ के एक स्कूल में मिली है। 20 बच्चों वाले स्कूल में तैनात महिला शिक्षक ने यहां अपनी जगह गांव के 12वीं पास युवक को पढ़ाने का ठेका दे दिया। महिला शिक्षक घर पर रहती और ठेके पर तैनात किया गया यह ‘टीचर’ बच्चों को पढ़ाता। तनख्वाह का कुछ हिस्सा ठेके के टीचर को मिलता और बाकी वेतन बिना काम के ही महिला शिक्षक को घर बैठे मिल जाता।

जोनल शिक्षा अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज

औचक निरीक्षण में भंडाफोड़ होने पर जोनल शिक्षा अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है। यह मामला किश्तवाड़ जिले की छात्रू तहसील के दूरदराज जनसीरी छात्रू गांव का है। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय में 20 विद्यार्थी पढ़ते हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार स्कूल में नुसरत बानो बतौर शिक्षक तैनात हैं, लेकिन महीनों से यहां गांव का एक युवक पढ़ा रहा था।

स्कूल पहुंचे तो हैरत में पड़ गए अधिकारी 

जोनल शिक्षा अधिकारी के पास जब शिकायत पहुंची तो वे जोनल शिक्षा योजना अधिकारी के साथ फौरन निरीक्षण करने पहुंच गए। इंद्रवाल के जोनल शिक्षा अधिकारी (जेडईओ) सुनील राणा और शाहनवाज स्कूल पहुंचे तो हैरत में पड़ गए। बच्चों को हुजेफ अहमद नामक युवक पढ़ा रहा था।

युवक से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह 12वीं पास है

युवक से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह 12वीं पास है और लंबे समय से स्कूल में पढ़ा रहा है। महिला शिक्षक उसे अपनी तनख्वाह का कुछ हिस्सा हर माह देती है। यहां तक कि महिला शिक्षक को बच्चों ने लंबे समय से देखा भी नहीं है। स्कूल में पढ़ाने वाला युवक ही स्कूल को खोलता है और फिर बच्चों को पढ़ाकर घर भेजता है।

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महिला शिक्षक ने स्कूल घर से बहुत दूर होने की दलील बात कहकर उसे स्कूल में पढ़ाने को कहा था। जेडईओ के अनुसार मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्कूल की जमीनी हकीकत के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।

पहाड़ी जिलों में सामने आती रही हैं सूचनाएं 

दूरदराज इलाकों के कई अन्य स्कूलों में भी ठेके के शिक्षकों की तैनाती की आशंका है। किश्तवाड़ समेत कई अन्य पर्वतीय जिलों में इस तरह की सूचनाएं सामने आती रही हैं। सैकड़ों स्कूल ऐसे इलाकों में हैं, जहां सड़क संपर्क नहीं है। जिला मुख्यालय से स्कूल पहुंचने में कई घंटों का पैदल सफर करना पड़ता है।

ऐसे इलाकों में शिक्षकों की ओर से अपनी जगह ठेके पर टीचर रखने की शिकायतें मिलती रही हैं। जेडईओ इंद्रवाल ने कहा कि जहां से भी शिकायत मिलेगी, उसकी जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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