जम्मू। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के सुचेतगढ़ बॉर्डर पर अब साल भर जय हिंद की आवाज गूंजेगी। रिट्रीट सेरेमनी को वाघा सीमा के स्तर पर ले जाने की तैयारी हो रही है। वाघा बॉर्डर से अतिरिक्त जवानों को सुचेतगढ़ बुलाया गया है। वहीं, पर्यटन विभाग और सीमा सुरक्षा बल ऑक्ट्रॉय पोस्ट के परेड स्थल पर आधुनिक वाटरप्रूफ फैब्रिक की छत लगाने जा रहे हैं। इस छत को मौसम के हिसाब से हटाया भी जा सकेगा। 29 लाख की लागत से लगने जा रही इस छत से सैलानी रिट्रीट सेरेमनी का लुत्फ बारिश में भी उठा सकेंगे।
वहीं, पोस्ट पर बैठने के लिए बनाई गईं सीढ़ियों पर चमचमाता ग्रेनाइट लगाया जाएगा। रिट्रीट सेरेमनी का विस्तार करने के लिए पर्यटन विभाग ने डेढ़ करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा है।
डीपीआर में सुचेतगढ़ कॉरिडार में ऐतिहासिक बीओपी ऑक्ट्राय पोस्ट में कई निर्माण कर आकर्षक और आरामदायक बनाया जाएगा। इसमें पोस्ट की ओर आने वाले रास्ते और सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसकी 20.61 लाख रुपये की लागत आएगी। मौजूदा सड़क में सुधार के साथ पोस्ट पर डब्ल्यूबीएम/प्रीमिक्स कारपेट बिछाया जाएगा। पोस्ट पर 27.25 लाख का नया फर्नीचर लगाया जाएगा। 55 लाख रुपये से नए शौचालय बनाए जाएंगे। इसी तरह ऑक्ट्राय पोस्ट पर एक अतिरिक्त सुरक्षा पोस्ट स्थापित होगी।
सप्ताह में दो बार होती है परेड, बढ़ सकते हैं दिन
जम्मू से 28 किमी दूर आरएस पुरा के सुचेतगढ़ में सप्ताह के शनिवार और रविवार रिट्रीट सेरेमनी होती है। इसके दिन बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। सुचेतगढ़ जम्मू जिले की आरएसपुरा तहसील का अंतिम गांव है जिसके आगे पाकिस्तान है। परेड का विस्तार करने के लिए बाहर से अतिरिक्त जवानों को लाया गया है, जिसमें उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।
बॉर्डर पर्यटन को बढ़ावा दे रहे : निदेशक
पर्यटन निदेशक जम्मू विवेकानंद राय का कहना है कि बीएसएफ के साथ मिलकर रिट्रीट सेरेमनी का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए एक डीपीआर बनाकर भेजी गई है। जम्मू जिले में सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
परेड का विस्तार किया जा रहा : बीएसएफ
बीएसएफ के प्रवक्ता एसपीएस संधु का कहना है कि परेड का विस्तार करने के लिए कुछ जवानों को बाहर से लाया गया है। भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।