जम्मू। फाल्गुन संक्रांति 12 फरवरी को है। शुक्रवार रात 09:11 बजे सूर्य देव मकर राशि छोड़ कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। फाल्गुन संक्रांति का पुण्यकाल 12 फरवरी दोपहर 02:47 बजे से अगले दिन दोपहर 01:11 बजे तक रहेगा। शुक्रवार दोपहर 02:47 बजे के बाद जप, तप, स्नान और दान करना शुभ होगा। सूर्यदेव की पूजा करें
इस संक्रांति में दान का बड़ा महत्व है। इस दिन शुद्ध घी, तिल, सरसों के तेल, फल एवं कंबल दान करने से मोक्ष प्राप्ति होती है। अगर किसी कारण गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर पाते हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन संक्रांति पापों मुक्ति दिलाती है। इसे कुंभ संक्रांति भी कहते हैं।
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार इस दिन शराब और मांस आदि का सेवन न करें। व्रत के दौरान दाढ़ी, मूंछ, बाल और नाखून न काटें। व्रत करने वालों को पूजा के दौरान बेल्ट, चप्पल, जूते या फिर चमड़े की बनी चीजें नहीं पहननी चाहिए। काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। किसी को दुख न दें। गलत काम करने से बचें।