अरनिया। इस बार मानसून प्रभावित रहने के बाद लंबा खिंचने से किसानों की चिंता बढ़ना शुरू हो चुकी है। हालांकि इस बारिश से बासमती फसल को फिलहाल लाभ जरूर मिलता दिख रहा है।
बुधवार को दोपहर बाद करीब पौने चार बजे अचानक मौसम ने करवट लेते हुए बरसना शुरू कर दिया, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिचना शुरू हो गई। करीब दो घंट तक हुई बारिश ने खेतों सहित गालियों को भी जलमग्न कर दिया। दलीप कुमार, नरेश सिंह, बलवंत सिंह, वीर सिंह सैनी व बाबू राम नामक आदि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस बार मानसून के प्रभावित रहने से समय पर बारिश नहीं हो पाई, जिससे सूखे के बाद भी अन्य विकल्पों से हमने अपनी धान फसल को सींचा।
चूंकि इस समय पीबी-71, शरबती व 1121 इतियादी नामक धान की छोटी फसल पक कर तैयार है, मगर मानसून लंबा खिचने के कारण आए दिन बारिश हो रही है। इसका सीधे तौर पर कटाई व घर तक पहुंचाने में मुश्किलें हो जाएंगी। हालांकि इस बारिश से विश्व विख्यात बासमती को लाभ जरूर मिलेगा।