कश्मीर घाटी में खासकर दक्षिणी कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से चल रहे खराब हालातों के चलते रेल प्रबंधन ने फैसला लिया कि गुरुवार को घाटी में रेल सेवाओं को स्थगित किया जाएगा।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि उधमपुर ट्रक हमले में अनंतनाग के क्लीनर जाहिद के रस्म-ए-चाहरुम के चलते हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बारामुला-बनिहाल रेल लाइन पर रेल सेवाएं स्थगित की जाएंगी।
वहीं जाहिद के रस्म-ए-चाहरुम में भाग लेने की अलगाववादियों की अपील को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गुरुवार को सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने का फैसला लिया है। पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि अनंतनाग जिले की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील रखा जाएगा।
लोगों के अलावा वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की जाएगी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
यासीन मलिक, जावेद मीर को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने बुधवार को हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों के तकरीबन सभी अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया। उन्हें उधमपुर ट्रक हमले में मारे गए क्लीनर जाहिद के मामले में अनंतनाग में होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले नजरबंद किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सईद अली शाह गिलानी, हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक, शब्बीर अहमद शाह, नईम अहमद खान और जफर अकबर भट को उनके घरों में नजरबंद किया गया है।
जेकेएलएफ के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक, जावेद अहमद मीर और शाहिद-उल-इस्लाम को एहतियातन पुलिस हिरासत में लिया गया और श्रीनगर के विभिन्न थानों में ले जाया गया। जेकेएलएफ के बयान के अनुसार यासीन मलिक को श्रीनगर के सोवरा में उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह स्किमस अस्पताल से बाहर निकले रहे थे।
वह बुधवार को बिजबिहाड़ा में आंसू गैस के गोले की चपेट में आने से घायल नसीर अहमद डार का हाल जानने पहुंचे थे। गौरतलब है कि हुर्रियत कट्टरपंथी नेता सईद अली शाह गिलानी ने लोगों से जाहिद के रस्म-ए-चाहरुम में भाग लेने की अपील की है। इसी के चलते अलगाववादियों को नजरबंद किया गया है।