श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बदलाव की बयार देखने को मिली है। अब घाटी के युवा पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ खुलकर सामने आकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका मानना है कि पिछले तीन दशकों से कश्मीर का युवा ही सबसे ज्यादा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को मुंबई में 26/11 हमले की बरसी पर भी श्रीनगर शहर में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ होर्डिंग्स लगाकर विरोध जताया गया।
शहर में कई जगहों पर ऐसे होर्डिंग्स लगाए गए। इन पर लिखा गया, ‘मानवता पर इस जघन्य अपराध को भूलना अपराध होगा, आइए सभी पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा किए गए 26/11 के हमले को याद करें, आतंक के खिलाफ एकजुट हों और मौत के व्यापारियों को कोई जगह या आश्रय न दें’। बता दें कि ये होर्डिंग्स सेंटर फॉर इनक्लूसिव एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सीआईएसडी) की ओर से लगाए गए हैं।
बता दें कि इससे पहले भी श्रीनगर में 22 अक्टूबर, 1947 को पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर किए गए हमले के संदर्भ में जम्मू-कश्मीर वर्कर्स पार्टी के अध्यक्ष और सीआईएसडी के चेयरपर्सन जुनैद मीर की अगुवाई में एक रोष मार्च निकाला गया था। यह मार्च एसकेआईसी से रॉयल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स तक निकाला गया। इसमें अधिकतर युवा शामिल हुए और पाकिस्तान मुर्दाबाद, पाकिस्तान की गुंडागर्दी नहीं चलेगी के नारे लगाए गए।