जम्मू। आरएस पुरा में भाजपा की ओर से आयोजित बुद्धिजीवियों की बैठक में महंगाई, बेरोजगारी को लेकर पार्टी के खिलाफ आक्रोश ने आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के भगवा ब्रिगेड के सपने के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू न चलने की बात सामने आने के बाद पार्टी नेतृत्व तथा आरएसएस की चिंताएं बढ़ी हैं। कहा जा रहा है कि यह रिपोर्ट भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष भी पहुंची है। शीर्ष नेतृत्व प्रदेश में कद्दावर नेता की तलाश कर रहा है जो चुनावी वैतरणी को पार लगा सके। इसके लिए पार्टी के बाहर के लोगों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आरएस पुरा की बैठक को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। अब तक पार्टी का मानना रहा है कि केंद्र की नीतियों व कल्याणकारी योजनाओं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व जम्मू-कश्मीर में सत्ता की राह आसान कर देगा, लेकिन बुद्धिजीवियों ने मोदी लहर को नकारते हुए जनता की परेशानियों की लाइन लगा दी। कहा गया कि आम जनता भाजपा के फैसलों से काफी दुखी है। पेट्रोल, डीजल, गैस सिलिंडर तथा खाद्य सामग्रियों की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं। इसने आम लोगों का बजट बिगाड़कर रख दिया है। बैठक में बार्डर इलाके के विकास के लिए मोदी सरकार की ओर से किए गए कार्यों, बंकर निर्माण, आरक्षण की दलीलें भी काम न आईं। भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार तक फीडबैक पहुंचाने की दुहाई देकर किसी प्रकार मामले को शांत करने की कोशिश की।
कमरे से बाहर निकलकर जनता के बीच जाने की हिदायत
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास जम्मू में पार्टी की नीतियों को लेकर उपजे आक्रोश की रिपोर्ट किसी माध्यम से पहुंची है। केंद्रीय नेतृत्व ने पार्टी के स्थानीय नेताओं से मामले की पूरी जानकारी ली है। साथ ही नेताओं को कमरे से बाहर निकलकर जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की हिदायत दी है। साथ ही व्यापक पैमाने पर केंद्र सरकार की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने को कहा है ताकि जनता में बन रही नकारात्मक छवि पर परदा डाला जा सके।