जम्मू। भारतीय सीमा पार या भीतर से आतंकवाद को सहायता और बढ़ावा देने वाले लोगों से सख्ती से निपटने की जरूरत है। आतंकवादी या आतंकी समर्थक किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि उनका कोई धर्म नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ सभी को सामूहिक तौर पर लड़ने की जरूरत है। ये बात नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने पार्टी नेताओं के साथ शनिवार को राजोरी में हाल ही में भाजपा नेता के घर आतंकी हमले में मारे गए बच्चे और घायलों के आवास पर पहुंच परिवारवालों के प्रति संवेदना प्रकट करते कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे घिनौने कृत्य से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़कर लोगों को बांटने की साजिश की जांच की जानी चाहिए। शांति के दुश्मन किसी भी कीमत पर हमारी एकता को तोड़ने में सफल नहीं हो सकते हैं। कहा कि आतंक के साजिशकर्त्ताओं को छद्म युद्ध के जरिये भारत के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए क्योंकि देश के सभी नागरिकों ने मुंहतोड़ जवाब देने का दृढ़ निश्चय किया है। आतंकवाद आज पूरे विश्व समुदाय के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती के रूप में है। इसे खत्म करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। शांति तथा सद्भाव के लिए आतंक के साजिशकर्ताओं तथा समर्थकों को समाप्त करना होगा।
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उमर ने परिवार के मुखिया से फोन पर की बात
नेकां उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवार के मुखिया रमेश सिंह से फोन पर बात कर संवेदना जताई। पार्टी अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने भी संवेदना प्रकट की। इस दौरान जावेद राणा, सईद मुश्ताक अहमद शाह बुखारी, चौधरी नसीम लियाकत, ठाकुर रामेश्वर सिंह आदि मौजूद रहे।