प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ग़ुलाम अहमद मीर
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प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ग़ुलाम अहमद मीर ने अनंतनाग चुनाव स्थगित करने के फैसले को लेकर महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधा है। मीर ने श्रीनगर में पत्रकार वार्ता कर पूछा कि किस कारण महबूबा को चुनाव स्थगित कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह फैसला सवा लाखों लोगों के भरोसे को ताक पर रखकर किया गया है।
श्रीनगर के एक स्थानीय होटल में मीर ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान सीनियर कांग्रेस नेता ताज मोहिउद्दीन, अब्दुल रशीद डार, उस्मान मजीद, हिलाल अहमद शाह (अनंतनाग विधानसभा सीट के उम्मीदवार) के अलावा अन्य कई नेता भी मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के देहांत के बाद सरकार बनने में काफी देरी हुई। लोगों द्वारा कई महीने तक सरकार देखने को इंतजार किया जिसका बनना स्पष्ट था। मुफ्ती के देहांत के बाद महबूबा ने मुख्यमंत्री का पद संभाला तो उन्हें उम्मीद थी कि जल्द अनंतनाग विधानसभा सीट पर चुनाव होंगे।
मीर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक गतिविधियों का स्वागत किया है। पहले रियासती सरकार ने ही चुनाव आयोग से चुनाव करवाने को कहा, क्योंकि बिना सरकार की सहमति के आयोग नोटिस जारी नहीं कर सकता। पर फिर बाद में अपने ही प्रतिनिधि भेज चुनाव आयोग को 16 मई को होने वाले चुनावों को स्थगित करने को यह कहते हुए स्थगित करवाया गया कि घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं।
उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि ऐसी कौन सी स्थिति है जिसके चलते चुनाव स्थगित करवाने पड़े। मीर ने कहा कि जब वर्ष 2008 में अमरनाथ जमीन विवाद था या फिर 2014 में बाढ़ से घाटी प्रभावित हुई थी तब यही पीडीपी चुनाव करवाने में फ्रंट फुट पर थी और आज यह बैक फुट पर क्यों है। मीर के अनुसार ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि शायद महबूबा मुफ्ती को लोगों पर भरोसा नहीं। कहा कि शायद ऐसा पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी दल ने चुनाव स्थगित करवाने को कहा हो।